हिन्दू अब ये मूर्खता छोडें

Source: youtube.com/watch?v=eMYpEo0wyQg

By Raj Singh

 

(हिन्दू अब ये मूर्खता छोडें.)

 

भारत के जवान तो मरने ही थे,

जब हमारे ही देश के अंदर पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगते है,

तो हमले तो होंगे ही.

 

भारत के टुकड़े होने के नारे लगते है,

मुस्लिम रैलियों में पाकिस्तान का झंडा फहराते है,

इस्लाम-मुस्लिम ब्रदरहुड-जिहाद के नाम पर

आतंकवादियों को अपने घरों में शरण देते हो,

तो उन पाकिस्तानियों का होंसला जब भारत के लोग बढ़ाते है,

फिर हमले भी होंगे, हमारे जवान भी शहीद होंगे.

 

जब तक भारत भी, चीन और म्यंमार की तरह,

आतंकवाद की बजाय इस्लाम के खिलाफ कार्यवाही नही करता,

तब तक भारत सुरक्षित नही हो सकता.

वरना हमारे जवानों सहित आम नागरिक

आगे भी जिहाद के नाम पर बेमौत मरते रहेंगे.

 

जब इस्लाम के नाम पर अफगनिस्तान बना,

फिर पाकिस्तान, बंगलादेश,भूटान,मालदीव,

अब कश्मीर बनाने की कोशिश.

लेकिन 800 सालो से अत्याचार सहन कर रहे

हिन्दुओ को अभी भी अक्लल नहीं आई.

अब हमारे 40 जवान शहीद हुए ,

थोड़े दिन बाद फिर भूल जाएंगे(?),

जैसे मुम्बई में 350 लोगो की हत्या भूल गए थे.

 

इस्लाम में सबसे पहले दिमाग गिरवी रखा जाता है,

जो इन कन्वर्टेड मुस्लिमो (की प्रजा) का रखा हुआ है.

 

इनका मकसद तो क्लियर-साफ है,

ओर हिन्दू खुद ही इनकी दलील दी देते फिरते है

कि यह सच्चा मुसलमान नही हो सकता.

 

सच्चे मुसलमान के लिए जब इनकी किताब में ही लिखा है,

कि मूर्ति पूजको की हत्या करने वाला ही सच्चा मुसलमान है,

ओर मूर्ति पूजक तो हम हिन्दू ही है.

 

अगर मिला, तो वो मूर्ति पूजको को तो जरूर काटेगा,

तभी वह सच्चा मुसलमान होगा.

 

अब देख लेना, की आपको सच्चा मुसलमान ठीक लगता है या झूठा.

लेकिन इनकी किताब के कानून के हिसाब से

गैर मुस्लिमों का मरना निश्चित है.

 

हिन्दू राजाओ का इतिहास देख लो,

पृथ्वीराज चौहान ने 17 बार माफ् किया,

लेकिन महोमद गोरी ने

उसी माफ् करने वाले की आंखे निकाल ली थी.

 

फिर महोमद बिन कासिम से लेकर ओरंगजेब तक देख लो,

राम मंदिर तोड़ने से लेकर बाबर को,

इजराइल में यहूदी टेम्पल को गिराकर अलअसका मस्जिद बनाने का देख लो,

सोमनाथ मंदिर, कटासराज मन्दिर.

 

9वें सिक्ख गुरु साहब का शिष

इस्लाम के नाम पर ओरंगजेब ने उतारा,

 

ओर यह कन्वर्टेड दोगले तैमूर, खिलजी, बाबर, मो.बिन कासिम,

ओर सिक्ख गुरुओ के कातिल ओरंगजेब को

21वीं सदी के मुस्लिम अपना हीरो खलीफा मानते है.

 

10वें गुरु साहिब जी के पुत्रो, 2 साहिबजादों को

12 साल 14 साल के मासूम बच्चो को जिंदा दीवार में चुनवाया.

 

यह तो इतिहास में भी लिखा है,

ओर श्री गुरु ग्रन्थ साहिब में भी है.

 

अफगानिस्तान में जो हिन्दुओ के साथ हुआ था वो कम था क्या?

फिर पाकिस्तान के बलूचिस्तान, सिंध, पंजाब, कश्मीर, बंगालदेश में,

भूटान, मालदीव में है कोई हिन्दू ?

 

केरल में, पश्चिम बंगाल में, म्यंमार,आसाम में देख लो,

कातिल कानूनों वाली किताब में जब यह लिखा है

कि घात लगाकर हमला करें, या मोके का इंतजार करें.

 

यह तो वो सब कर रहे हैं.

लेकिन हिन्दू क्या कर रहे हैं?

अपने अंत अपनी बारी का इंतजार कर रहे हो तो करते रहो.

 

90के दशक में कश्मीरी पंडितों को चुन-चुन कर मारा गया

तब भारत सरकार, विपक्षी पार्टियों, मानवाधिकार,

मीडिया ओर नेताओ ने आंखों पर पट्टी बांध ली थी.

 

अब अपनी रक्षा हिन्दुओ को उसी तरह करनी होगी,

जैसे पंजाब में सिक्ख गुरुओ ने हिंदुत्व का ढिंढोरा फेंक कर

हिन्दुओ की रक्षा के लिए कृपाण उठाई थी,

ओर जनेऊ में धर्म व आत्मरक्षा के लिए चाकू डाल लिया था.

 

अरबी अनुयायी सिर्फ गद्दार कोम का धर्म मजहब

सिर्फ अरबी लुटेरों के रूल्स फोलोव करना है,

ओर मौका देखकर.

 

तब तक ईमान धर्म की बात करते है,

जब तक वो भला आदमी फिर से

उनके चंगुल बहकावे में नही आ जाता,

ओर हरामी सेकुलर लोग जब तक यह नही कहते

कि नही यार, सब एक जैसे मुसलमान नही होते,

पांचो उंगलियां बराबर नहीं होती.

 

ओर फिर अपने अरबी लुटेरों राक्षसों

आकाओ की दिखाई गई मंजिल की ओर फिर चल पड़ते है.

 

लेकिन इतिहास गवाह है, आज तक इनका यही मकसद रहा है,

की सबको अरबी सभ्यता के गुलाम बनाओ, या मार डालो,

ओर यह कर भी रहे है.

 

ओर हिन्दुओ ने फिर वही रट लगानी होती है,

नही यार पांचो उंगलियां बराबर नही होती.

 

(सच यह है कि ईस्लाम का देश मे होनो ही

हिन्दूओं के लिये जानलेवा, मान लेवा, माल लेवा खतरा है।

जय श्री कृष्ण

Hinduunation.com)

 

जहरीले जिहाद का ज़नून..

From: Vinod Kumar Gupta < >

जहरीले जिहाद का जनून…★            15.02.2019

★क्या यह उचित है कि दुश्मन के छदम युद्धों का सिलसिला बना रहें और हम उसे कायराना हमला कहकर निंदा करके अपने दायित्वों से भागते रहें ? निसंदेह केवल आक्रोशित होकर उत्साहवर्धक बयान तक सीमित रह जाने वाला नेतृत्व आज हमारे देश की नियति बन चुका है ।
★कल (14.2.2019) जम्मू-कश्मीर हाईवे पर अवंतीपोर के पास गोरीपोरा में सी.आर.पी.एफ. के 2500 सैनिकों से अधिक के काफिले पर लगभग 100 किलो आर.डी.एक्स. (विस्फोटक) से भरी “कार बम” बनी एक स्कॉर्पियो गाड़ी से आत्मघाती आतंकवादियों ने आक्रमण करके एक बार फिर हमको ललकारा है।

★अभी तक प्राप्त समाचारों के अनुसार इस जिहादी जनून में हमारे लगभग 40 जवानों का बलिदान हुआ और 25 से अधिक घायल हुए है। इस्लामिक आतंकवादियों के दुःसाहस को बार-बार कायराना हमला कहकर हम केवल शब्दवीर बन जाते है। जबकि ऐसे नरसंहारों से जिहादियों के हौंसले आसमान को छूने लगते है।
★हम शत्रुओं की जिहादी सोच को समझने के बाद भी अपनी रणनीति को प्रभावी बनाने का प्रयास ही नही करते। क्या यह हमारा राष्ट्रीय दुर्भाग्य नही है कि स्वतंत्रता के बाद भी हम दशकों से इस्लामिक आतंकवाद से जूझ रहें है। यह “जहरीला जिहाद का जनून” शतकों से यथावत विद्यमान है।
★हमारा शासन-प्रशासन व सभ्य समाज जिहादियों द्वारा बहाये गये निर्दोषों व मासूमों के बहते रक्त के प्रति तत्काल आक्रोशित होकर निंदा व भर्त्सना करने तक अपने को सीमित कर लेता है। आज सभ्य समाज की एक सामान वैश्विक विवशता है कि वे आतंकवादी घटना घटने के बाद शोकाकुल व एकजुट होकर श्रद्धाञ्जलि सभा करना व मोमबत्ती जलाना ही अपना कर्तव्य समझने लगा है।
★संभवतः  इससे उनका आक्रोश व प्रतिशोध ठंडा हो जाता हो,परंतु यह दुःखद है कि वे पुनः ऐसी ही दुर्घटनाओं की पुनःरावर्त्ति तक उदासीन हो जाते हैं। जबकि हम सबको जिहादियों की जहरीली मानसिकता को समझकर संघर्ष करने के लिए सजग रहना चाहिये। आज देश में आतंकवाद विरोधी “टाडा” या “पोटा” जैसा कठोर कानून बनाने की पुनः आवश्यकता है।
★आज देश का प्रत्येक नागरिक पाकिस्तानियों व देश में छिपे पाक परस्त षड्यंत्रकारियों के आक्रमणों से अत्यधिक दुखी है। पिछले कुछ वर्षों से ये जिहादी हमारे सैन्य व पुलिस ठिकानों को लक्ष्य बना कर निसंकोच हानि पहुँचा रहें हैं।
★भारत-पाक सीमाओं पर प्रति वर्ष सैंकड़ों बार होने वाला युद्धविराम उल्लंघन एवं आतंकवादियों की घुसपैठ भी हमको शर्मसार करती आ रही है। पिछले 40-45 वर्षों में सुरक्षाकर्मियों सहित लगभग 90 हज़ार देशवासियों को भी हम खो चुके हैं। जब हमारा भारत विकसित राष्ट्रों की श्रेणी आने की ओर अग्रसर है तो फिर हमकों कम से कम अपने मुकुट “जम्मू – कश्मीर”  को जिहादी जल्लादों से तो बचाना ही होगा ।
★विचार करना होगा कि 29 सितंबर 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक द्वारा शत्रुओं के लाँचिंग पैडों पर अपनी अद्भूत साहसिक रणनीति का परिचय देने के अब ढाई वर्ष उपरांत भी पाकिस्तानी सेना व उसके आतंकियों में भारतीय सेना का कोई भय नहीं ? वे बार बार हमारे क्षेत्रों में अकारण आक्रमण करने का दुःसाहस कर रहें हैं।
★ऐसी स्थिति में जब हमारे सैनिक व आम नागरिक का शत्रुओं की कुटिल चालों से बलिदान हुए जा रहा हैं तो इनसे प्रतिशोध लेने के लिए कोई अन्य ठोस आक्रामक नीति तो पुनः अपनानी ही होगी ? हम पाकिस्तानी सेना व आईएसआई के षडयंत्रों और हाफिज सईद व मसूद अजहर आदि आतंक़ियों के मुखियाओं के जिहादी संकल्प को क्यों नही समझना चाहते ?  क्या जिहादियों के इस जहरीले जनून को नष्ट किए बिना राष्ट्र की रक्षा हो पायेगी ?
★हमें अपनी सुरक्षा में हो रही कमियों व अन्य संदेहात्मक तत्वों की सच्चाई को समझना होगा। सुरक्षाबलों और सीमाओं पर बार – बार होने वाले आतंकी हमलों के पीछे छुपे देशद्रोही भेदियों व उनके साथियों को ढूँढना होगा। बिना किसी गुप्त सूचनाओं के कोई बाहरी शत्रु व घुसपैठिये हमारी सेनाओं के अतिसुरक्षित क्षेत्रों और सुरक्षाबलों के काफिले को निशाना बनाने में कैसे सफल हो सकते है ?
★हमें यह नहीं भूलना चाहिये कि अनेक अवसरों पर पाकिस्तान व आतंकी संगठनों के स्थानीय संपर्कों को पकड़ा गया है। जम्मू-कश्मीर सहित देश के अनेक भागों में इस्लामिक आतंकवादियों के नेटवर्क सक्रिय है। जिहादी सोच के भटकाव में हज़ारों स्लीपिंग सेल व ओवर ग्राउंड वर्कर आतंकवादियों का सहयोग कर रहें है।
★पाकिस्तान गुप्तचर एजेंसी (आई.एस.आई.) की भी पर्दे के पीछे स्थानीय एजेंटों की सूचनाओं के आधार पर ऐसी आतंकवादी गतिविधियों को किर्यान्वित करवाने में बड़ी भूमिका होती है।
★हमें हमारी सेनाओं व सुरक्षाबलों की सजगता, सतर्कता व कर्तव्यपरायणता के प्रति कोई संदेह नही फिर भी क्या हम ऐसी आत्मघाती आक्रमणों को अपनी सीमाओं व सीमांत क्षेत्रों में योंही झेलते रहें ? ऐसी संकटकालीन स्थिति में हमारी सुरक्षा व्यवस्था की त्रुटियों का विश्लेषण अवश्य होता होगा और उसके उपाय भी विशेषज्ञों द्वारा सुझाये जाते होंगे फिर भी हम आहत होते रहें तो क्या इस पर राष्ट्रीय चिंतन नही होना चाहिये ? अब और अधिक धैर्य व संयम युद्धकालीन रणनीतिक कौशल के अभाव का नकारात्मक संकेत देगा ?
★आज श्री नरेंद्र मोदी जी जैसे कर्मठ प्रधानमंत्री के होने से देश की वैश्विक स्थिति सकारात्मक है तो क्यों न हमें कम से कम अपने जन्मजात शत्रु पाकिस्तान से सभी राजनैतिक , व्यापारिक व सांस्कृतिक  सम्बन्धों को तोड़ने का विकल्प तो अपनाना ही चाहिये। पाकिस्तानी घुसपैठियों व आतंकवादियों के प्रवेश पर अंकुश लगाने के लिए सड़क व रेल मार्गों को भी बंद करना उचित होगा।
★पीओके, कश्मीर व देश के अंदर व सीमाओं पर जितने भी आतंकियों के प्रशिक्षण केंद्र व अन्य अडडे हैं , सबको “सर्जिकल स्ट्राइक” के समान एक विशिष्ट अभियान चला कर विंध्वस करना होगा।
★इन सबके अतिरिक्त एक और महत्वपूर्ण कार्य भारत सरकार को “सिंधु जल साझेदारी संधि” को राष्ट्रीय आवश्यकता के अंतर्गत निरस्त करके उसके सारे जल पर पुनः अपना एकाधिकार करना चाहिये। जिससे शत्रु की कई नदियाँ स्वाभाविक रुप से सूख जायेगी जो एक बड़ा कूटनीतिक कदम होगा। लेकिन ऐसे आवश्यक निर्णयों के लिए लोकतांत्रिक व्यवस्था में दृढ़ इच्छाशक्ति चाहिये। संभवतः मोदी जी ऐसा करने का साहसिक निर्णय ले सकते हैं।
★इन परिस्थितियों में विचार करना होगा कि निर्दोष लोगो की मौत को कोई भी सभ्य व्यक्ति, समाज ,समुदाय व धर्म कैसे स्वीकार कर सकता है ? क्या मदरसा शिक्षा प्रणाली में इतनी सामर्थ्य है कि मुस्लिम समुदाय के अपरिपक्व बचपन को तोते की तरह रटा-रटा कर उसमें “क़ाफ़िर” व “अविश्वासी”  के प्रति इतनी अधिक नफरत भर देती है कि वह “जन्नत की हूरो” के लालच में गैर मुस्लिमों के सर्वनाश करने को उद्वेलित हो जाता है।
★पुलवामा में हुए इस आतंकी हमले का मास्टर माइंड जैश-ए-मोहम्मद का मुखिया ‘मौलाना मसूद अजहर’ के विषय में तो यहां तक कहा गया है कि वह 15 मिनट में  “जिहाद” के लिए मुस्लिम बालकों को आत्मघाती बम (फिदायीन) बनने को तैयार कर देता है। इस्लाम में “मदरसा शिक्षा” प्रायः अनिवार्य नहीं परंतु आवश्यक है। जिससे धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा मिलने से समाज में वैमनस्यता व अलगाववाद की भावना ही जहरीले जिहाद का कारण है।
★अब धर्म के नाम पर बार-बार निर्दोषो का बहने वाला लहू सभ्य समाज के लिये भयावह चुनौती बन चुका है। फिर भी सत्य, अहिंसा, धर्मनिरपेक्षता, सहिष्णुता व मानवता की बात करने वाले बड़े बड़े बुद्धिजीवी केवल शांति से रहने वाले उदार और सहिष्णु समाज को ही उपदेश देना जानते है ।
★क्यों नहीं कोई मानवतावादी बुद्धिजीवी मुस्लिम समाज की कट्टरता व असहिष्णुता को चुनौती देता ? क्यों नहीं कोई मदरसा शिक्षा प्रणाली को प्रतिबंधित करने की मांग करता ? क्या कभी कोई इस्लामी विद्याओं में आवश्यक परिवर्तन करवाने का साहस करेगा ?
★आज इस्लामिक आतंकवाद जिसे जिहाद (धर्मयुद्ध) भी कहा जाता है, एक वास्तविकता है और भारत सबसे अधिक इसकी भयानक चपेट में है। ऐसे में सेक्युलर कहे जाने वाले मानवतावादी शान्ति बनाये रखने में कैसे सफल हो सकते है ? इस्लामी मानसिकता के जहरीले जनून से भरे जिहादियों के सामने शान्ति का प्रस्ताव किसी मूर्खता से कम नहीं। ★भारत के साथ साथ विश्व के समस्त राजनीतिज्ञों व बुद्धिजीवियों को चिंतन करना होगा कि कौन समाज मिलजुल कर सहिष्णुता के साथ अहिंसक तरीके से रहना चाहता है और कौन कट्टरता के कारण असहिष्णु व हिंसक व्यवहार करने में विश्वास करता है।
★हम भारतवासी आखिर कब तक अपना रक्त बहा कर  पाकिस्तान व पाक समर्थित इस्लामिक आतंकवाद का दंश झेलने को विवश होते रहेंगे ? एक तरफा धार्मिक उन्माद से उपजे अमानवीय अत्याचारों की जड़ों को ढूंढ कर सूखा देने से वसुधैव कुटुम्बकम की धारणा को बल देना होगा।अन्यथा धार्मिक श्रेष्ठता की होड़ में जहरीले जिहाद के जनून से निर्दोषों व मासूमों का नरसंहार मानवता को कलंकित करता रहेगा ?

विनोद कुमार सर्वोदय
(राष्ट्रवादी चिंतक व लेखक)
गाज़ियाबाद

Criminal Negligence: The Tragedy Could Be Foreseen

From: Rajput < >

CRIMINAL NEGLIGENCETRAGEDY COULD BE FORESEEN
Yesterday it was the Day of Mourning in Bharat when in the West people were buying roses for Valentine Day.
The irony is that the tragedy was AVOIDABLE.
The way the soldiers were travelling NONCHALANCE in the Muslim majority State embroiled in militancy in Partitioned India reminds one of putting too many eggs in one basket and then crying out loud after falling on hard ground.
And with such a valuable cargo on the move along public roads in a State where terrorism is high, there was NO check or control beforehand along the route of travel to investigate any suspicious object, individual or vehicle parked along the route.
2,500 armed men, and their commanders, were having a happy ride as if travelling between Mumbai and Pune! “Sleepy nation, sleepy army!”
The price of NEGLIGENCE was 40 precious lives of “Defenders of Bharat” lost. The instant response by everyone was to blame Pakistan though the attacker was “home grown”, i.e., Indian subject! The criminals were the local police and civil administration who had NO clue whatsoever as to “who is who” within their own community and did not nab the killer before he struck.
When we think of Pakistan, we must also think of the “father” of Pakistan, MK Gandhi, who “went along” the looming Partition like a sheep being taken to abattoir. Accepting Pakistan also meant suffering the consequences of not only breaking up an ancient country where all were living in relative harmony together, but also dividing the Muslim community of India into three segments, ignoring the implications.
When “Gandhian” Bharat, with no commitment to Akhand Bharat, that has not dared to reject “Partition without condition or referendum”, is attacked in this way, it is Bharat alone to blame. Mentioning Pakistan again and again is to ignore the teachings of their Koran that makes Jihad against the Infidels compulsory duty for every Muslim.
Reality is that Hindustan, under the present Constitution, has NO identity, and with such a large number of MUSLIMS in it, is no different from the India of 1940 when “Pakistan Resolution” was passed in Lahore. For the following SEVEN years it was never challenged by “Father of Nation” Gandhi! Thus Gandhi and his followers (Hindus) “went along” with the threat of bloodshed as with the actual event on August 15, 1947 when PARTITIONED India went straight under the foot of traitor NEHRU.
Nehru had two different yardsticks, one for West Punjab and East Bengal (to be surrendered) and the other for Jammu & Kashmir State (to be defended at all cost)!
When he ordered “cease fire”, in Kashmir robbing the Jawans of victory, he ought to have been eliminated. But he lived on to put Article 370 in Constitution that “pampered” one State and “punished” all the others.
The FOLLOWING was not done by the subsequent governments of Partitioned India:
1.  Repeal Article 370;
2.  carry out radical population (demographic) adjustment to make the State a Hindu majority State. Settle Hindu/Sikh ex servicemen along the CEASE-FIRE line.
3.  Blow up the house of anyone who commits an act of terrorism.
Fortunately for the timid “rabbits who are riding the elephant”, there is precedence for each action suggested.
1. Adjusting the demography of the State. See Kaliningrad and Crimea in Russia.
2. Punishing the terrorists. See Israel.
3. Dealing with MK Gandhi and JL Nehru: See what the PEOPLE of Italy did to Mussolini and the PEOPLE of Romania did to Ceausescu.
Lastly, IMPROVE THE QUALITY OF SECURITY SERVICES who should have a profile of every POTENTIAL terrorist and grab him before he acts.
The Hindus should seem to be WARRIORS to deter the terrorists. Throughout history the weak have been kicked and ultimately overwhelmed and enslaved.
A Memorial should be erected where the attack took place and a much bigger Memorial ought to be erected in front of Rashtrapati Bhawan, New Delhi, to pay homage to the Dead of 1947 otherwise even these FORTY martyrs will be forgotten within days just like those TWO MILLION (of 1947).
J & K State should be put under Central administration forthwith till the demography is corrected as suggested above. History tells us that NO “Muslim majority” area, or country, can live in peace anywhere.
14 February should be declared “Day of Martyrs” and this loss of life yesterday, recalled every year publicly by the Supreme Commander of Bharat.
Rajput
15 Feb 19

“शक्ति के उपासक बनें “

From: Vinod Kumar Gupta < >

“शक्ति के उपासक बनें ”

भारत भूमि के महान सपूत महर्षि अरविन्द ने वर्षों पूर्व जब हम अंग्रेजों के अधीन थे, अपनी एक छोटी रचना ‘भवानी मंदिर’ की भूमिका में लिखा था कि “हमने शक्ति को छोड़ दिया है , इसलिए शक्ति ने भी हमें छोड़ दिया”। अतः पराधीनता में रहना हमारी दुर्बलता का ही परिणाम था। अनेक मनीषियों ने लिखा व कहा भी था कि सदियों की पराधीनता से हमारी शक्तियाँ दुर्बल हुई हैं , अतः इससे मुक्त होना सर्वाधिक आवश्यक है।स्वामी विवेकानंद ने भी हिन्दुओं को निर्भीक व बलवान बनने के लिए प्रेरित किया था । हिन्दू समाज की दुर्बलता, कायरता व भीरुता को गोरखनाथ पीठ के  ब्रह्मलीन महंत दिग्विजय नाथ व महंत अवैद्यनाथ जी भी समझते थे और इस आत्मघाती अवगुण से समाज को बाहर लाने का निरंतर प्रयास करते रहे । उसी  धरोहर और परंपराओं को अनेक अवरोधों के उपरान्त भी निभाने वाला एक संत आज अपने समाज का अग्रणी सारथी बन गया है।
अपने अथक परिश्रम, तपस्या व सत्यनिष्ठा के बल पर योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री बनने से तथाकथित अनेक सेक्युलर बुद्धिजीवियों की बेचैनी  बढ़ गयी है । ऐसा लगता है कि अब उनके ढोंग का साम्राज्य अपनी विदाई की प्रतीक्षा कर रहा हो । किसी को ‘संविधान पर संकट’ तो किसी को  ‘इस्लाम की रक्षा’  चिंतित कर रही है ।
देश विरोधियों व द्रोहियों से त्रस्त हमारा भारतवर्ष स्वतंत्रता के पश्चात स्वछंद होकर अपनी सांस्कृतिक विरासत को भी सुरक्षित नहीं रख पाया। इतना ही नहीं अनेक अवसरों पर भारतीय समाज अपने मान बिंदुओं के लिए भी आग्रही नहीं हो सका । गांधी-नेहरु की मुस्लिम उन्मुखी राजनीति ने आने वाले राजनेताओं को भी मुस्लिम परस्ती का ही मार्ग दिखा कर सत्ता पाने के मोह में डाल दिया। तत्पश्चात लगभग सत्तर वर्षों से राष्ट्रवादी मूल भारतीय समाज शासकीय व्यवस्थाओं में जकड़ता रहा है।
मध्यकालीन मुस्लिम बर्बरता के इतिहास को भुला कर भी अगर  देश विभाजन पूर्व व पश्चात हुई भीषण त्रासदी का ही अवलोकन किया जाये तो मुस्लिम अत्याचारों की भयानक घटनायें मानवता को लज्जित करते हुए करोड़ों हृदयों को द्रवित व आक्रोशित कर देती हैं।उसमें चाहे कोलकात्ता में मुस्लिम लीगियों द्वारा  ( 16  से 18 अगस्त ) 1946 की सीधी कार्यवाही (डायरेक्ट एक्शन) में लुटे-मारे गये हज़ारो निर्दोष हिन्दुओं का नरसंहार हो और चाहे विभाजन (1947 ) के समय पाकिस्तान से आई असंख्य हिन्दुओं के शवों से लदी दर्ज़नों ( लगभग 58 ) रेलगाड़ियाँ हों । अनुमानतः 15 लाख से ऊपर हिन्दुओं का कत्लेआम किया गया साथ ही कश्मीर पर आक्रमण करके पाकिस्तानियों ने हिन्दुओं को परिवार सहित कत्ल करना और  हज़ारो हिन्दू अबलाओं को  ट्रको में भरकर ले जाना आदि दिल दहलाने वाली दास्तान भुलाने योग्य नहीं हैं। विश्व के इतिहास में संभवतः इतनी भयंकर मानवीय त्रासदी कही ओर देखने को न मिले फिर भी हमारे  अधिकांश राजनैतिक व बौद्धिक समाज की सहानभूतियाँ “जिन्नावादियों” के साथ थी और अभी भी यथावत बनी हुई हैं।
निःसंदेह स्वतंत्रता के पश्चात हमको इतना दुर्बल  व संकल्पहीन समझा जाने लगा कि विदेशी आक्रमण व अतिक्रमण (घुसपैठ) होने लगे । जब हमारा तत्कालीन नेतृत्व ही शांति, अहिंसा और भाईचारे के सहारे राज-काज चलाना चाहता था तो हम देशविरोधी शक्तियों को कैसे रोक सकते थे। यह सत्य जब तक समझ पाते तब तक हमारे लाखों निर्दोष नागरिकों व सैनिकों की बलि चढ़ चुकी थी।
राजनीतिक -बौद्धिक क्षेत्रों की बढ़ती अज्ञानता ने समाज को कायर बना कर स्वाभिमान से जीना ही भुला दिया। सशक्त व कुशल नेतृत्व के अभाव में देश में एकतरफा सामाजिक उत्पीड़न होता रहा। हमारा समाज राजनेताओं की ढुलमुल इच्छाशक्ति व स्वार्थसिद्धि के फेर में फँस कर स्वयं भी इसी भ्रम में जीता रहा । जिससे एक ऐसा वातावरण विकसित हुआ जिसके अनुसार साम्प्रदायिक सौहार्द व धर्मनिरपेक्षता बनाये रखने का उत्तरदायित्व केवल हिन्दू समाज का ही माना जाने लगा । जबकि कट्टरवादी मुस्लिम व ईसाई समाज को बहुसंख्यक हिन्दुओं  द्वारा दिए गए राजस्व से मालामाल करना सरकार की प्राथमिकता बना दी गयी। देश के अधिकांश बुद्धिजीवियों व राजनेताओं की अज्ञानता व अराष्ट्रीयता ने  संपूर्ण भारत को जाने-अनजाने एक अनिश्चचित व आत्मघाती मार्ग पर खड़ा कर दिया । परिणामस्वरूप कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक व अटक से लेकर कटक तक अराजकता व आतंकवाद का खुला मैदान बन गया। पाक परस्त मुस्लिम आतताइयों ने अपने आकाओं के सरंक्षण में सर्वप्रथम देव भूमि कश्मीर को हिन्दू विहीन किया। तत्पश्चात पूर्वोतर के असाम , मिजोरम,मेघालय, नागालैंड आदि प्रदेशों व केरल एवं पश्चिम बंगाल के अतिरिक्त संभवतः दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र आदि देश का कोई कोना ऐसा न रहा हो जहाँ बम विस्फोटो से निर्दोषों का रक्त न बहा हो। गैर मुस्लिम बालिकाओं व युवतियों के शोषण ने तो जिहादियों को  “लव जिहादी” ही बना दिया । दुर्बलता का अनुचित लाभ उठा कर धर्मांधों ने धर्मांतरण से हिन्दुओं की भरपूर फसल काटी।
ऐसी विकट व विपरीत परिस्थितियों को झेल रहा राष्ट्रवादी समाज  कब तक अपनी अस्मिता व अस्तित्व के लिये संघर्ष नहीं करता ?  आज नहीं तो कल हमें अब अपने भलेपन के साथ साथ बलवान बनना ही होगा । जब दुर्जन एकजुट हो सकते है तो सज्जनों को एकत्रित होने से कौन रोक सकता है। हम “अश्वमेघ यज्ञ” की परंपरा वाली भूमि की संतानें हैं , जहाँ सभी देवी-देवताओं के शास्त्र व शस्त्रों से सुज्जित होने पर भी हमको अन्याय व अत्याचार सहने को विवश होना पड़ रहा है । हमारी संस्कृति हमें पाप और पुण्य का भेद बताती है साथ ही अधर्म पर धर्म की जीत का सन्देश देती है ।
इसी पृष्ठभूमि ने  मई 2014 में लोकसभा के लोकतांन्त्रिक चुनावी युद्ध में राष्ट्रवादियों ने  अपनी शक्ति का भरपूर सदुपयोग किया। इस ऐतिहासिक विजय से देश को महानायक के रुप में एक सशक्त साहसी व कर्तव्यनिष्ठ  शक्ति के उपासक श्री नरेंद्र मोदी के रुप में एक कुशल प्रशासक मिला। परंतु कुछ राज्यों में चुनावी गठबंधनों व कुछ षडयंत्रों के कारण  राष्ट्रवादियों को चुनावी-युद्ध में पराजय मिली। फिर भी अपने कार्यकौशल से विश्व में राष्ट्र का खोया सम्मान पुनः स्थापित करके मोदी जी ने करोडों देशवासियों को अपनी प्रशासकीय योग्यता से मुग्ध किया । वर्तमान प्रदेशीय चुनावों में मोदी-शाह की जोड़ी में शक्ति के उपासक योगी आदित्यनाथ के जुड़ने से उत्तर प्रदेश के भगवामय होने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो रहा है । यह  इस बात का प्रमाण है कि करोडों-करोड़ों देशवासियों ने लोकतांन्त्रिक व्यवस्था के चुनावो में जो एक अहिंसात्मक युद्ध है ,  में अपने अपने शस्त्ररुपी मतों का सदुपयोग करके शक्ति को संजोया है।
यहाँ यह लिखना भी सार्थक होगा कि इस धर्मयुद्ध रुपी यात्रा में मोदी जी के साथ कंधे से कन्धा मिला कर चलने वाले भा.ज.पा. के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह की भूमिका किसी चाणक्य से कम नहीं रही। इस यज्ञ में आरंभ से ही जुड़े योगी जी की वर्षों की तपस्या और त्याग को भी भूला नहीं जा सकता । लोकसभा चुनाव के समय राष्ट्रवादियों ने एक नारा बुलंद किया  था ” देश में मोदी – प्रदेश में योगी” जो आज चरितार्थ हो रहा है । आज “माँ-भारती” के ये पुजारी करोडों देशवासियों की आशा के पुंज बन गये है । अतः हम अब शान्ति के लिये “शक्ति” के उपासक बनें ।

विनोद कुमार सर्वोदय
(राष्ट्रवादी चिंतक व लेखक)
ग़ाज़ियाबाद
नोट: यह  लेेेख मैने पूर्व में (30.03.2017) को प्रेषित किया जा चुका है,फिर भी अभी भी प्रसांगिक हैं।

Why They Oppose Shri Modi?

From Vinod Karnik < >

Why They Oppose Shri Modi?

1. Is Shri Modi, a foreigner? Has he had politically questionable life and is of bad character? IS he a corrupt?  Has he given any advantage to his relatives, because he is on highest post of India? Is he anti national?  Does he avoid work? Is he irresponsible? Is he imbalance?

  1. The answers to these questions are big NO. Then why people have allergy to his name?
  2. It is the conspiracy of thieves, corrupt people, and media who misused their power, when in the congress government and those who got undue favors from congress government. Such people are misguiding general public and doing propaganda, so as to loot the country again, as they have done so far till 2014. Till 2014, these thieves, corrupt and Deshdrohis people, were ruling us. Shri Bajpai was not supported, during 2009, and we had the misrule for 10 tears. Now, if Shri Modi does not continue, we will be (a)misruled for 100 years, (b)this country will be divided and (c)once again we, specially Hindus, (if at all, Hindus survive,) will be slaves.

3a. Many are accusing Shri Modi for: —

(a) Not building Ram Mandir.

(b) Not removing article 370.

(c) Sharing government, with PDP in J and K.

(d) Not depositing Rs 15 lakhs, in everyone’s account.

(e) Demonetizing currency.

(f) Dictatorial tendency.

(g) Being anti poor.

(h) Not giving “Aacche Din”.

  1. Tell us: —

(a) Did you get 100% marks in all subjects in examinations?

(b) Did you purchase house during your first job in first year?

(c) Do you build fifth floor first, or your complete foundation of the house first?

(d) While starting the car in motion, do you apply fifth gear suddenly, instead of first gear?

  1. Tell us: —

(a) Who has the ability to build Ram Mandir, ultimately?

(b) Who has the ability to have a stable government?

(c) Who can remove rule 370?

(d) Who can look after poor people of India?

(e) Who can ensure security of India?

(f) Who can ensure that India is not broken?

(g) Who is working 24 hours a day for welfare of people?

IT IS ONLY Shri MODI.

  1. Think over it: —
  2. Who partitioned this country?
  3. Who called for cease fire, when we were winning during 1947 and left 1/3 J and K with Pakistan? This has become constant source trouble for us and our generations to come?
  4. Who was in power, when China   humiliated this country?
  5. Who was in power when Mumbai blast took place?
  6. Who killed 4000 Sikhs in riots?
  7. Who allowed and encouraged Bangladeshi to enter and settle in India?
  8. Under whom, maximum corruption took place?
  9. Who returned Captured territory in 1965 like Hajipir pass and returned one lakh POW of Pakistan, without any return in 1971?
  10. Who was in government, when Kashmir pundits were driven from J and K?
  11. Who removed Durdarshan logo “Satam Shivam Sundaram”?
  12. Who removed “Satyam eva Jayate” from our coins?
  13. Who treated Hindus as second-class citizens?
  14. Who, as per article 30 (A), directed, that Gita and Ramayana cannot be taught in schools but allowed teaching of Kuran and Bible?
  15. Who took away 70 % of Hindu temple earning and gave to Masjid and Church?
  16. Who granted subsidy for Haj and taxed Amaranth yatra?
  17. Who kept 80 % of Indians people, poor, for the last about 70 years?
  18. Who favored minorities, out of proportion?

IT IS CONGRESS PARTY, RUN BY NEHRU AND GANDHI FAMILY.

  1. Murders: —

(a) Who killed Lal Bahadur Shastri when he was becoming threat to Indira Gandhi?

(b) Who killed Shyama Prasad Mukherjee and Deena Dayal Upadhyay, when they were threat to congress?

(c) Who killed Veer Bahadur Singh, Rajesh Pilot, Shri Sindhiya, when they were emerging as challenge to the dynasty of Gandhi Parivar?

IT WAS CONGRESS GOVERNMENT AND NEHRU AND GANDHI FAMILY.

  1. Gandhi name and Muslim origin: —

(a) Who high jacked name of Gandhi in place of their Muslim name/religion/origin?

(b) How everyone, manipulated to conceal the identity of Nehru family, right from ancestor of Motilal Nehru, that they were Muslim. They changed their name as Hindu, but their behavioral pattern and action /policy remained as Muslim?

IT WAS NEHRU FAMILY, CONGRESS PARTY AND M K GANDHI

  1. If NOT MODI, who do you want to govern YOU and INDIA? :–
  2. Gandhi parivar
  3. Mulayam or Akhilesh Yadav
  4. Mamta Banerjee
  5. Mayavati
  6. Lalu or Neetish Kumar
  7. Communist
  8. Muslim Party

CHOICE IS YOURS. FAISLA AAP KO KARNA HAI.

  1. The logic says that, Shri Modi should continue for next 10 to 15 years. In that case, please educate (a) the poor people   of India, who sell their vote for a paltry sum of Rs 500/-, a sari and a bottle of liquor (b) ignorant educated people, specially Hindus, who are NOT aware of what is going to happen, if anyone else, but Shri Modi comes in power.

JAI HIND. JAI HO

———–   Dr V S Karnik, PhD (18 Jan 2017)

Very well said Dr. Karmik

I fully agree with you.

Congress and other VULTURES OF MOTHER INDIA are interested in power and loot only.

Such Nehru style, hypocrite, selfish, self-centered, politicians have misguided and looted India, since long time. All in the name of democracy.!!

Selfish politicians like Maya, Mamta, Mulayam, Congress gang of Nehru dynasty, Communists are ONLY VULTURES OF MOTHER INDIA, they have nothing in parallel with PATRIOT, CONSTRUCTIVE BHARAT WASI.

God bless Bharat

Tr.

 

Must Stop Further Divisions of Bhaarat

Source: https://www.youtube.com/watch?v=uor1hm3mH4Q

By Vijay Singh

Must Stop Further Divisions of Bhaarat

भारतका ज्यादा विभजन होने से रोकना हि है

President of China said:

India is a secular country only till the Hindu are in majority. As and when the Hindu are reduced in minority and the Muslims are increased in Majority (from 3-6% in 1947 to 35%+ this time and are on further increase), India shall no longer be a secular country. He also said that Islam is a mental disease.

Meghalaya High Court of India said:

  1. PM, Modi, should ensure that India is never transformed into a Muslim country as per the plans of Muslim leaders and Muslims religious leaders.
  2. India should be declared as a Hindu nation for the Hindu, when Pakistan was declared as a Muslim nation for the Muslims. As a matter of fact, India should have been already declared as a Hindu nation for the Hindu only.
  3. Withdraw the citizenship of those Muslim that refuses to abide by Indian law, and insists on Islamic law.
  4. India had achieved its independence through bloodshed, and not through peace and nonviolence with reference to Mahatma Gandhi and Pt. Nehru.
  5. During 1947 partition period, it was the Sikhs only who were great sufferers at the hands of Muslim cruelties and Muslim, when Muslims had made the stark-naked Sikh women dance on the roads, besides heavy atrocities on the Hindu killing them in large number.
  6. The day India is transformed into a Muslim country, not only India, but also entire world shall go into DOOM and TOTAL BLACKOUT.
  7. Govt. of India should grant citizenship to all Sikhs and Hindu, living abroad, in liberal manner if they wish to come into India and live here.

Ex-President of the USA, Barack Obama said: Indian Muslims are all different from the Muslims of other countries.

Present President of the USA, Donald Trump said: Muslims are problems in his country.

Swami Vivekanand had said: Islam is a group of killers to entire humanity.

EX and late Prime Minister of Britain, Mr. Churchill had said: Why only the Muslims are kept as Minority, while others are not… Why so…When the Muslims are the second largest population of the world and of India…..? Why so much wrong with the world?

Dr. Bhim Raj Ambedkarji had said:

  1. The Muslims are never adjustable with the Hindu due to vast diversity in their traditions, culture, language, religions and ideologies. (Even the Supreme Court of Pakistan confirms the views of Baba Sahib).
  2. With formation of Pakistan, the Muslims have lost all right in the divided India after 1947. They stay in the divided India is against the real facts of 1947 partition. Hence, the Muslims must go into their country, Pakistan (or 56 Islamic countries of the world).
  3. I would not accept the constitution of India, until and unless a last single Muslim is kicked out of India into Pakistan or (56 Islamic countries.)
  4. Fifty percent of the constitution of India is just a copy of the British law, 40% part of the constitution is imported from the constitution of other countries, and 10% part of the constitution is the personal wishes and personal ambitions of Pt. Nehru.
  5. The constitution of India shall never benefit the nation, because the same is not based on the real facts of partition of India in 1947. It was made in hurry in about 112 hours’ works at the instance of Nehru from 1947 to 1950.
  6. The Hindu should periodically keep on reviewing the constitution of India so as to make it useful, relevant and compatible as per the present and future needs of the country, otherwise the national shall go into DOOM with unending litigation and that the country shall be becoming slave to the mercy of the courts (like the present unending litigation on Ram Temple.)

Supreme court of India has said: Mosques are not necessary for paying NAMAJ.

NAMAJ can be paid within the homes too.

 

ममता हटाओ बंगाल बचाओ

Source: youtube.com/watch?v=nZ90mJZsmZ0

By Jay Shree Verma

 

ममता हटाओ बंगाल बचाओ.

क्या गठबंधन की नेता ममता बनर्जी बंगाल में इस्लामीकरण और विभाजन के मुद्दे पर काम कर रही हैं?

 

👉बंगाल में अमित शाह अपना हेलीकाप्टर नहीं उतार सकते।

👉बंगाल में योगी जी रैली करने के लिए नहीं जा सकते।

👉बंगाल में मोदी जी सभा नहीं कर सकते।

👉बंगाल में सीबीआई जांच नहीं कर सकती।

👉बंगाल में हिन्दू दुर्गा पूजा मुस्लिम बाहुल्य इलाको में नहीं कर सकते।

👉बंगाल में भाजपा और संघ के कार्यकर्ताओ को दिन दहाड़े फांसी पर लटका दिया जाता है।

👉बंगाल में वोटर्स अपनी मर्ज़ी से वोट तक नहीं कर सकता। लेकिन👇

👉बंगाल में बांग्लादेश और रोहिंग्या के घुसपैठिये मुसलमानों को बुलाकर बसाया जाता है

👉बंगाल में मौलानाओं और मस्जिदों को सैलरी और पेंशन बढ़ा दिए जाते है

👉बंगाल में NRC का विरोध होता है

👉बंगाल के मालदा और बसीरहाट में मुस्लिम दंगाइयों पर कोई एक्शन नहीं लिया जाता

👉बंगाल में तारकेश्वर मंदिर के प्रमुख एक मौलाना फरहद हाकिम का बनाया जाता है

👉बंगाल में प्रधानमंत्री मोदी का गर्दन काटने के फतवा देने वाले मौलाना बरकाती को लाल बत्ती से नवाजा जाता है अगर ऐसा ही चलता रहा तो पश्चिम बंगाल जाने के लिए वीज़ा लगेगा.. वहाँ ना तो भारत का पासपोर्ट चलेगा और न ही भारत की नागरिकता.. आपको यह जानकार हैरानी होगी की ममता बनर्जी इस्लामिक हिस्ट्री से ग्रेजुएट है ये दीदी नहीं आतंकवादी है पश्चिम बंगाल की बगदादी है

ममता हटाओ बंगाल बचाओ गठबंधन हटाओ देश बचाओ .

जय श्री राम🚩🚩

वन्दे मातरम🇮🇳🇮🇳

Secularism Is Not For Bhaarat

Secularism Is Not For Bhaarat

Secularism is European medicine against Christianity. It is not for Hindus or Hindustan because:

  1. Secularism is a foreign concept not a Vedic concept (We should insist use of our own Vedic concepts)
  2. The Hindu (i. e. Sanaatan Dharma, Vedic Dharma, or Varna-Aashram Dharma) dharma and culture are inherently respectful to all the religions or ideologies that are respectful to the Hindu dharma and culture
  3. The word “secular” is illegally inserted in the constitution in Indira Gandhi’s time without due process, and it is mis-used by the anti-Hindu people and parties

Therefore, we Hindus need to make Bhaarat a Vedic State, not a “secular” state.

If we do not do it, then in the world there will not be a safe place for Hindus or Hindu Dharma.

Remember that most of the 57 Muslim countries have only Islam legal. You cannot chant Rama Rama here.

Jaya Sri Krishna!

Suresh Vyas

भारत आज भी गुलाम है ?

भारत आज भी गुलाम है?

Ref. A video at

www.youtube.com/watch?v=A0pmI3FhoO4

 

ऐसा लगता है कि ये गुलामी कगज़ पर – दस्तावेज या करार पर है। वास्तव मे नहिं है – जैसे कि :-

– यु. के. को बचाने के लिये भारतीय लश्कर को आदेश नहि दिया शकता

– यु. के. भारत से कोई कर नहि लेता , और न मांगता है

– राजकारण या कोई भी आंतरीक मामले मे भारत को कोई मन्जूरी यु. के. से नहि लेनी पडती , और न यु. के. कहता है कि उनसे कोई मन्जूरी लो

– यु. के. ने १९४७ के बाद भारत को कोई आदेश नहि दिया है

– कोई वहां का नागरिक भारत मे आकर नहि बोला है कि उसको यहा रहने का अधिकार है

– भारतीय लोगो को भी यु. के. जाने के लिये वीसा लेना पडता है।

तो ईस लिये श्री मोदी न को चाहिये कि वे ये जो करार दस्तावे है उन सबको रद करे और जाहिर करें कि रद किया है। ऐसा करने से यु. के. कोई विरोध करने वाला नहि है।

दूसरी बात :-

ये ऐतिहासिक दस्तावेज रद होने से भ्रष्टाचार या गरिबी दूर नहि होने वाली।

७० सालसे कोन्ग्रेस ने भ्रष्टाचार – आधात्मिक बिमारी – धर्म ग्लानी – देश के लोगों मे डाल दी है।

किन्तु इनके जिम्मेवार हम हि है।

भारते के लोग भ्रष्टाचार छोड दे अपनी मरजी , से नहितो मोदी जी छूडवाएं गे , और सजा भी दिलवाएंगे।

सुरेश व्यास

जय श्री कृष्ण

 

कोन्ग्रेस का पक्षपात – कुछ आंकडे

Source: youtube.com/watch?v=pUFh_G0AAJc

Genius mathematics

कोन्ग्रेस का पक्षपात

 

*देश मे मुस्लिम और क्रिश्चियन का कार्ड खेलने वाली कांग्रेस ने देश मे क्या-क्या गुल खिलाये हैं…!*😡 जानना हरेक भारतवासी का हक़ है…

2008 मे कांग्रेस सरकार बनने के बाद सोनीया एन्टोनिया ओर राहुल खान के काले कारनामे…👇

 

मुस्लिम क्रिस्चियन आरक्षण का कहर !

 

राष्ट्रपति सचिवालय मे कुल पद : 49 = मुस्लिम-क्रिस्चियन : 45 हिन्दू : 4

उप राष्ट्रपति सचिवालय मे कुल पद : 7 = मुस्लिम-क्रिस्चियन : 7 हिन्दू : 00

मंत्रियो के कैबिनेट सचिव कुल पद : 20 = मुस्लिम-क्रिस्चियन : 19

हिन्दू : 1

प्रधानमंत्री कार्यालय मे कुल पद : 35 = मुस्लिम-क्रिस्चियन : 33 हिन्दू : 2

कृषि-सिचंन विभाग मे कुल पद : 274 = मुस्लिम-क्रिस्चियन : 259 हिन्दू : 15

रक्षा मंत्रालय मे कुल पद : 1379 = मुस्लिम-क्रिस्चियन : 1331 हिन्दू : 48

समाज-हैल्थ मंत्रालय कुल पद : 209 = मुस्लिम-क्रिस्चियन : 192 हिन्दू : 17

वित्त मंत्रालय मे कुल पद : 1008 = मुस्लिम-क्रिस्चियन : 952 हिन्दू : 56

ग्रह मंत्रालय मे कुल पद : 409 = मुस्लिम-क्रिस्चियन : 377 हिन्दू : 32

श्रम मंत्रालय मे कुल पद : 74 = मुस्लिम-क्रिस्चियन : 70 हिन्दू : 4

रसायन-पेट्रो मंत्रालय कुल पद:121 = मुस्लिम-क्रिस्चियन : 112 हिन्दू : 9

राज्यपाल-उपराज्यपाल कुल पद : 27 =

मुस्लिम-क्रिस्चियन : 20 हिन्दू : 7

विदेश मे राजदूत : 140 = मुस्लिम-क्रिस्चियन : 130 हिन्दू : 10

विश्वविद्यालय के कुलपति पद : 108 = मुस्लिम-क्रिस्चियन : 88 हिन्दू : 20

प्रधान सचिव के पद : 26 = मुस्लिम-क्रिस्चियन : 20 हिन्दू : 6

हाइकोर्ट के न्यायाधीश : 330 = मुस्लिम-क्रिस्चियन : 326 हिन्दू : 4

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश : 23 = मुस्लिम-क्रिस्चियन : 20 हिन्दू : 03

IAS अधिकारी : 3600 = मुस्लिम-क्रिस्चियन : 3000 हिन्दू : 600

PTI कुल पद : 2700 = मुस्लिम-क्रिस्चियन : 2400 हिन्दू : 300

 

1947 से अब तक किसी सरकार ने इस तरह से सविँधान को अनदेखा और इस का उल्लंघन नहीं किया, सरकार की नजरों तो जैसे मुस्लीम से श्रेष्ठ, ईमानदार, योग्य, अनुभवी और मेहनती कोई दूसरी जातियो्ँ है ही नहीं…

क्या ये सब कानून का उल्लंघन और सविँधान के खिलाफ नहीं था?

 

आपको यह सन्देश 3 लोगो को भेजना है।

3 × 3 = 9;  9 × 3 = 27

बस आपको तो एक कड़ी जोड़नी है,

*देखते ही देखते पूरा देश जुड़ जायेगा…*🚩