आतंकी हमले से मारे गये भारत के सैनिको को श्रद्धांजलि

Source: youtube.com/watch?v=XKL8uwg8xhg

By prajapati ji om anandmay om shantimay

आतंकी हमले से मारे गये भारत के सैनिको को श्रद्धांजलि

1. जयमाल सिंह- 76 बटालियन
2. नसीर अहमद- 76 बटालियन
3. सुखविंदर सिंह- 76 बटालियन
4. रोहिताश लांबा- 76 बटालियन
5. तिकल राज- 76 बटालियन
6. भागीरथ सिंह- 45 बटालियन
7. बीरेंद्र सिंह- 45 बटालियन
8. अवधेष कुमार यादव- 45 बटालियन
9. नितिन सिंह राठौर- 3 बटालियन
10. रतन कुमार ठाकुर- 45 बटालियन
11. सुरेंद्र यादव- 45 बटालियन
12. संजय कुमार सिंह- 176 बटालियन
13. रामवकील- 176 बटालियन
14. धरमचंद्रा- 176 बटालियन
15. बेलकर ठाका- 176 बटालियन
16. श्याम बाबू- 115 बटालियन
17. अजीत कुमार आजाद- 115 बटालियन
18. प्रदीप सिंह- 115 बटालियन
19. संजय राजपूत- 115 बटालियन
20. कौशल कुमार रावत- 115 बटालियन
21. जीत राम- 92 बटालियन
22. अमित कुमार- 92 बटालियन
23. विजय कुमार मौर्य- 92 बटालियन
24. कुलविंदर सिंह- 92 बटालियन
25. विजय सोरंग- 82 बटालियन
26. वसंत कुमार वीवी- 82 बटालियन
27. गुरु एच- 82 बटालियन
28. सुभम अनिरंग जी- 82 बटालियन
29. अमर कुमार- 75 बटालियन
30. अजय कुमार- 75 बटालियन
31. मनिंदर सिंह- 75 बटालियन
32. रमेश यादव- 61 बटालियन
33. परशाना कुमार साहू- 61 बटालियन
34. हेम राज मीना- 61 बटालियन
35. बबला शंत्रा- 35 बटालियन
36. अश्वनी कुमार कोची- 35 बटालियन
37. प्रदीप कुमार- 21 बटालियन
38. सुधीर कुमार बंशल- 21 बटालियन
39. रविंदर सिंह- 98 बटालियन
40. एम बाशुमातारे- 98 बटालियन
41. महेश कुमार- 118 बटालियन
42. एलएल गुलजार- 118 बटालियन
मेरी कृष्ण भगवान से ये प्रार्थना है कि या तो इन शहिदो को अपने पार रक्खे,
या वो चाहे तो उनका दुबारा जन्म भारते मे करे,
जिससे वो फिर सैनिक या सेवक बनकर असुरों और राक्षसों का संहार कर शकें।
जय श्री कृष्ण

 

भारत आज भी गुलाम है ?

भारत आज भी गुलाम है?

Ref. A video at

www.youtube.com/watch?v=A0pmI3FhoO4

 

ऐसा लगता है कि ये गुलामी कगज़ पर – दस्तावेज या करार पर है। वास्तव मे नहिं है – जैसे कि :-

– यु. के. को बचाने के लिये भारतीय लश्कर को आदेश नहि दिया शकता

– यु. के. भारत से कोई कर नहि लेता , और न मांगता है

– राजकारण या कोई भी आंतरीक मामले मे भारत को कोई मन्जूरी यु. के. से नहि लेनी पडती , और न यु. के. कहता है कि उनसे कोई मन्जूरी लो

– यु. के. ने १९४७ के बाद भारत को कोई आदेश नहि दिया है

– कोई वहां का नागरिक भारत मे आकर नहि बोला है कि उसको यहा रहने का अधिकार है

– भारतीय लोगो को भी यु. के. जाने के लिये वीसा लेना पडता है।

तो ईस लिये श्री मोदी न को चाहिये कि वे ये जो करार दस्तावे है उन सबको रद करे और जाहिर करें कि रद किया है। ऐसा करने से यु. के. कोई विरोध करने वाला नहि है।

दूसरी बात :-

ये ऐतिहासिक दस्तावेज रद होने से भ्रष्टाचार या गरिबी दूर नहि होने वाली।

७० सालसे कोन्ग्रेस ने भ्रष्टाचार – आधात्मिक बिमारी – धर्म ग्लानी – देश के लोगों मे डाल दी है।

किन्तु इनके जिम्मेवार हम हि है।

भारते के लोग भ्रष्टाचार छोड दे अपनी मरजी , से नहितो मोदी जी छूडवाएं गे , और सजा भी दिलवाएंगे।

सुरेश व्यास

जय श्री कृष्ण