पूरी ताक़त के साथ इस देश में गृहयुद्ध की तैयारी चल रही है | Pushpendra Kulshrestha

गृहयुद्ध कैसे जीतना

लगता जै कि भारत मे गृह युद्ध होगा, नहि तो भारत असुरस्थान बन जायेगा और भारत् कि संस्कृति और वेदिक धर्म व मन्दिरो का विनाश हो जायेगा।

असुरों की तरफ से हमारी उपर युद्ध कई दशकों से चालु है। जो कुछ गतिविधि असुर कर रहे है जिससे हमे चोट पहुंचती है वो युद्ध क्रिया है। तो हमे भी युद्ध प्रतिक्रिर्या करनि होगी।

जब ये मामला युद्ध का है तो वो हम जनता को ही लडना होगा। इसमे न्यायालय बहूत कम काम आते है। वहां जानेसे जान नहि बचती। वहां बहूत पैसे का व समय का खर्च होता है। इतने समय मे तो असुर् लोग बहूत हिन्दूओ को मार देन्गे।

असुरो से डरने वाले डर छोड दें।

अपने मे क्षत्रिय झनून पैदा करे।

हथियार रक्खे। जिन्को हथियार नहि है किन्तु झनून हे उनको हथियारा दें।

एक जुट रहिये और् एक दुसरे को सक्षम बनाये.

आसपास् वाले असुरो के बारे मे सब कुछ जानिये।

असुरो का आर्थिक बहिष्कार करें।

देश के अन्दर जो ५०० असुरस्थान बने है उनको मिटाने के लिये क्या क्या करना पडेगा वो शोच लें।

नकशे पर बताओ वो कौनसे क्षेत्र मे है।

ऊनके अन्दर आने जाने के रास्ते कहां कहां है।

उनका बिजलि पानि कहां कहां से काबू होता है।

… …

हर एक असुरस्तान को एक दिन घेरना होगा।

घेरने से पहले बहुत तैयारी करनी होगी जैसे कि :-

जो असुर् इस्लाम छोडना पसन्द क रे उन्को बस मे बिठा कर वहां ले जाना जहां घरवापसि का सामुहिक काम चलता हो।

जो असुर् देश् छोडना चाहते हो उनको अलग बस मे जहाज मे बिठाकर भेजना।

जो असुर् बाहर से अन्दर आना के लिये आये  तो उनका क्या करना,

और् जो लडने के लिये बाहर से आये उनका क्या करना,

वो सब प्लान तैयार होना चाहिये।

देशप्रेमि व धर्म प्रेमि निवृत्त जवानो और पुलिसो ये सब प्लानिंग कर शकते है।

धनवान देशप्रेमियो को धन का दान ये युद्ध के लिये करना होगा।

वगैरा।

युद्धकला मे पारंगत लोगो को इस् तरह् अच्छा पूरा प्लान करना होगा।

ये खयाल योग्य हिदु ओ को पहुंचे तो वो प्लान का काम शुरु कर शकते है।

ये काम् कोई अकेले का नहि है किन्तु टीम का काम् है।

मुझे कोई अनुभव् नहि है। जो खयाल आये वो बांटता हु।

जय श्री कृष्ण।

Suresh Vyas

From: Shirish Dave < >

It is beyond doubt that the Lutyen Gangs are determined to generate civil war in India.
look hereunder:
आम जनताको पता नहीं होता है कि मीडीया क्या कर सकता है. खास करके भारतकी मीडीया अधिकतर,  कोंगी पक्षके समान है. वह फ्रॉड करती है और सत्य छीपाके, जूठको सच दिखाके जनताको गुमराह करती है. इस बातका उत्कृष्ठ उदाहरण गुजरातके २००२के दंगे थे. इसमें साबरमती एक्सप्रेसके एस-६ बोगीमें स्थित हिन्दुओंको जिन्दा जलादेनेकी बात को गौण और अप्रस्तुत बनाके हिन्दुओंकी प्रतिक्रिया को बढा चढाके देशमें प्रसारित किया कि मानो नरेन्द्र मोदीकी सरकारके द्वारा ही सबकुछ हुआ और मुस्लिमोंके उपर ही सरकार प्रेरित हमले हुए.  देशमें ऐसा माहोल हुआ कि बाजपाई स्वयं उस जालमें फंस गये और उन्होंने नरेन्द्र मोदीको मुख्यमंत्री पदसे हाटानेकी बात की. आज केन्द्रमें बीजेपी की सरकार है फिर भी पीटीआई एडीटर्स गील्ड, और प्रेस क्लब सहित का व्यवहार प्रेसकी आज़ादीके बारेमें दोघलापनवाला  दिखाई देता है.  निम्न प्रदर्शित वीडीयो अवश्य देखें और अन्य लोगोंको भी अवश्य भेजे. संदिप देवने इन लुट्येन गेंगोंका जिनमें यह गोदी-मीडीया भी संमिलित है उनका पर्दाफास किया है.
I have stopped watching Godi-media Channels.

#Sadhguru #TemplesForDevotees | Free Hindu Temples From Govt Control

I think that a group should be formed of leaders from the devotees of a temple. Then this temple leaders group should request the gov’t that gov’t handover the control of the temple management. This group member’s should be patristic and dharmic Hindus. They should know the kind of temples the Hindus need. E. g. see detail at below link.

https://hinduunation.com/2011/07/05/the-kind-of-temples-the-hindus-need-2/

Major Gaurav Arya Speaks on Farmers And Situation in Delhi

I pray the police change its modus operandi line this:

जब पुलिस और सरकार को जानकारी हो कि प्रजातंत्र के दुश्मन लोग, जो किसी की भी नहि सुनते है और प्रजा के जान माल का नुकसान करते है, वैसे लोग जब आन्दोलन करते है, तो पुलिश और प्रजा को चाहिये कि वो उन द्श्मनो को काबू मे रखने के लिये पुरी शक्ति व हथियार से तैयार रहे।

फिर आन्दोलन मे जब भी देखो कि ये दुश्मन गलत कर रहे तब ही उनपर वार करो। कोई परवा नहि दुश्मन मर जाये तो। पहले दुश्मन को जान माल का नुकसान करने देना, अराजकता करने देना, और सब कुछ दुश्मन कर के चला जाये उसके बाद कुछ दुश्मन को पकड़ना Court मे जाना मुकदमा चलाना और फिर् उनको jail मे रखना, वो ठीक नहीं है। दुश्मन को encounter से ही चालू आन्दोलन मे मारो। पूरा मार खा के फिर् मारने निकलने से ये अच्छा है सही है।

 

#tufail_chaturvedi #public24x7 राष्ट्र का अपमान निजी अपमान समझो :- तुफैल चतुर्वेदी

I pray the police change its modus operandi line this:

जब पुलिस और सरकार को जानकारी हो कि प्रजातंत्र के दुश्मन लोग, जो किसी की भी नहि सुनते है और प्रजा के जान माल का नुकसान करते है, वैसे लोग जब आन्दोलन करते है, तो पुलिश और प्रजा को चाहिये कि वो उन द्श्मनो को काबू मे रखने के लिये पुरी शक्ति व हथियार से तैयार रहे।

फिर आन्दोलन मे जब भी देखो कि ये दुश्मन गलत कर रहे तब ही उनपर वार करो। कोई परवा नहि दुश्मन मर जाये तो। पहले दुश्मन को जान माल का नुकसान करने देना, अराजकता करने देना, और सब कुछ दुश्मन कर के चला जाये उसके बाद कुछ दुश्मन को पकड़ना Court मे जाना मुकदमा चलाना और फिर् उनको jail मे रखना, वो ठीक नहीं है। दुश्मन को encounter से ही चालू आन्दोलन मे मारो। पूरा मार खा के फिर मारने निकलने से ये अच्छा है सही है।

 

DNA: Red Fort पर ‘साजिश’ के झंडे | Republic Day 2021 | Sudhir Chaudhary | #KisnanoKaGUNtantra

I pray the police change its modus operandi line this:

जब पुलिस और सरकार को जानकारी हो कि प्रजातंत्र के दुश्मन लोग, जो किसी की भी नहि सुनते है और प्रजा के जान माल का नुकसान करते है, वैसे लोग जब आन्दोलन करते है, तो पुलिश और प्रजा को चाहिये कि वो उन द्श्मनो को काबू मे रखने के लिये पुरी शक्ति व हथियार से तैयार रहे।

फिर आन्दोलन मे जब भी देखो कि ये दुश्मन गलत कर रहे तब ही उनपर वार करो। कोई परवा नहि दुश्मन मर जाये तो। पहले दुश्मन को जान माल का नुकसान करने देना, अराजकता करने देना, और सब कुछ दुश्मन कर के चला जाये उसके बाद कुछ दुश्मन को पकड़ना Court मे जाना मुकदमा चलाना और फिर् उनको jail मे रखना, वो ठीक नहीं है। दुश्मन को encounter से ही चालू आन्दोलन मे मारो। पूरा मार खा के फिर् मारने निकलने से ये अच्छा है सही है।

बस के बोर्ड पर संभाजीनगर नाम लिखने पर देखिए डरे हुए लोगों ने क्या किया Sambhajinagar Name Aurangabad

A comment by Ritik panday: “जो विरोध करे उसका सिर कलम कर दिया जाए। वीर मराठा संभाजी महाराज की जय।”

 

INDIA धारा 333 हटते ही इनका खेल होगा खत्म – पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ | Pushpendra Kulshrestha

As the video informs, Article 333 says there will be two seats in Lok Sabha to represent the Anglo-Indians (the illegal or legal children whose pares were the British officers and Indian women.)  This is a proof that the constitution mostly is at it was prior to 1947.