कुँवारी लड़कियों से घिरा रहता था ‘हाले-लूइया’ वाला पास्टर, अब ऐसे खुल गए सारे राज।

 

 

सभा में बैठे एक सिक्ख को क्यों खड़ा किया पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ ||