॥ॐ नमो भगवते वासुदेवाय॥ Dharma & Rashtra Seva; Vedic awakening; Hindu State will be a nation where everyone will strive to advance spiritually. ===Seeking a website IT volunteer who can make this site beautiful and attractive, get more traffic on this site, is a staunch Hindu, loves Bhaarat, and desires to make Bhaarat a Vedic State. Please contact Suresh Vyas at skanda987@gmial.com
गृहयुद्ध कैसे जीतना
लगता जै कि भारत मे गृह युद्ध होगा, नहि तो भारत असुरस्थान बन जायेगा और भारत् कि संस्कृति और वेदिक धर्म व मन्दिरो का विनाश हो जायेगा।
असुरों की तरफ से हमारी उपर युद्ध कई दशकों से चालु है। जो कुछ गतिविधि असुर कर रहे है जिससे हमे चोट पहुंचती है वो युद्ध क्रिया है। तो हमे भी युद्ध प्रतिक्रिर्या करनि होगी।
जब ये मामला युद्ध का है तो वो हम जनता को ही लडना होगा। इसमे न्यायालय बहूत कम काम आते है। वहां जानेसे जान नहि बचती। वहां बहूत पैसे का व समय का खर्च होता है। इतने समय मे तो असुर् लोग बहूत हिन्दूओ को मार देन्गे।
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असुरो से डरने वाले डर छोड दें।
अपने मे क्षत्रिय झनून पैदा करे।
हथियार रक्खे। जिन्को हथियार नहि है किन्तु झनून हे उनको हथियारा दें।
एक जुट रहिये और् एक दुसरे को सक्षम बनाये.
आसपास् वाले असुरो के बारे मे सब कुछ जानिये।
असुरो का आर्थिक बहिष्कार करें।
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देश के अन्दर जो ५०० असुरस्थान बने है उनको मिटाने के लिये क्या क्या करना पडेगा वो शोच लें।
नकशे पर बताओ वो कौनसे क्षेत्र मे है।
ऊनके अन्दर आने जाने के रास्ते कहां कहां है।
उनका बिजलि पानि कहां कहां से काबू होता है।
… …
हर एक असुरस्तान को एक दिन घेरना होगा।
घेरने से पहले बहुत तैयारी करनी होगी जैसे कि :-
जो असुर् इस्लाम छोडना पसन्द क रे उन्को बस मे बिठा कर वहां ले जाना जहां घरवापसि का सामुहिक काम चलता हो।
जो असुर् देश् छोडना चाहते हो उनको अलग बस मे जहाज मे बिठाकर भेजना।
जो असुर् बाहर से अन्दर आना के लिये आये तो उनका क्या करना,
और् जो लडने के लिये बाहर से आये उनका क्या करना,
वो सब प्लान तैयार होना चाहिये।
देशप्रेमि व धर्म प्रेमि निवृत्त जवानो और पुलिसो ये सब प्लानिंग कर शकते है।
धनवान देशप्रेमियो को धन का दान ये युद्ध के लिये करना होगा।
वगैरा।
युद्धकला मे पारंगत लोगो को इस् तरह् अच्छा पूरा प्लान करना होगा।
ये खयाल योग्य हिदु ओ को पहुंचे तो वो प्लान का काम शुरु कर शकते है।
ये काम् कोई अकेले का नहि है किन्तु टीम का काम् है।
मुझे कोई अनुभव् नहि है। जो खयाल आये वो बांटता हु।
जय श्री कृष्ण।
Suresh Vyas
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From: Shirish Dave < >
It is very sad that the some of the Nihanga Sikhs, who are soldiers of Sikh Gutus and protector of innocents, became Khalistanis.
If these anti0nationals plan another “Kisaan Aandolan” in future to do anarchy, then all the real Kisaan unions publicly declare that it is not their aandolan at all.
I pray the police change its modus operandi line this:
जब पुलिस और सरकार को जानकारी हो कि प्रजातंत्र के दुश्मन लोग, जो किसी की भी नहि सुनते है और प्रजा के जान माल का नुकसान करते है, वैसे लोग जब आन्दोलन करते है, तो पुलिश और प्रजा को चाहिये कि वो उन द्श्मनो को काबू मे रखने के लिये पुरी शक्ति व हथियार से तैयार रहे।
फिर आन्दोलन मे जब भी देखो कि ये दुश्मन गलत कर रहे तब ही उनपर वार करो। कोई परवा नहि दुश्मन मर जाये तो। पहले दुश्मन को जान माल का नुकसान करने देना, अराजकता करने देना, और सब कुछ दुश्मन कर के चला जाये उसके बाद कुछ दुश्मन को पकड़ना Court मे जाना मुकदमा चलाना और फिर् उनको jail मे रखना, वो ठीक नहीं है। दुश्मन को encounter से ही चालू आन्दोलन मे मारो। पूरा मार खा के फिर् मारने निकलने से ये अच्छा है सही है।
खालिस्तान मुर्दाबाद ! खालिस्तान मुर्दाबाद ! खालिस्तान मुर्दाबाद !
शिख लोगों ने अपना मान खोया है। अपना मान वापस लेना है तो शिख समुदाय को ही खालिस्तानीओ को परास्त करना होगा।
मुज़े लगाता है कि पाकिस्तान ने कुछ शिखों को खालिस्तानि बनाया है।
इसकि वजह से सब शिख अपना मान खो रहे है।
I pray the police change its modus operandi line this:
जब पुलिस और सरकार को जानकारी हो कि प्रजातंत्र के दुश्मन लोग, जो किसी की भी नहि सुनते है और प्रजा के जान माल का नुकसान करते है, वैसे लोग जब आन्दोलन करते है, तो पुलिश और प्रजा को चाहिये कि वो उन द्श्मनो को काबू मे रखने के लिये पुरी शक्ति व हथियार से तैयार रहे।
फिर आन्दोलन मे जब भी देखो कि ये दुश्मन गलत कर रहे तब ही उनपर वार करो। कोई परवा नहि दुश्मन मर जाये तो। पहले दुश्मन को जान माल का नुकसान करने देना, अराजकता करने देना, और सब कुछ दुश्मन कर के चला जाये उसके बाद कुछ दुश्मन को पकड़ना Court मे जाना मुकदमा चलाना और फिर् उनको jail मे रखना, वो ठीक नहीं है। दुश्मन को encounter से ही चालू आन्दोलन मे मारो। पूरा मार खा के फिर मारने निकलने से ये अच्छा है सही है।
I pray the police change its modus operandi line this:
जब पुलिस और सरकार को जानकारी हो कि प्रजातंत्र के दुश्मन लोग, जो किसी की भी नहि सुनते है और प्रजा के जान माल का नुकसान करते है, वैसे लोग जब आन्दोलन करते है, तो पुलिश और प्रजा को चाहिये कि वो उन द्श्मनो को काबू मे रखने के लिये पुरी शक्ति व हथियार से तैयार रहे।
फिर आन्दोलन मे जब भी देखो कि ये दुश्मन गलत कर रहे तब ही उनपर वार करो। कोई परवा नहि दुश्मन मर जाये तो। पहले दुश्मन को जान माल का नुकसान करने देना, अराजकता करने देना, और सब कुछ दुश्मन कर के चला जाये उसके बाद कुछ दुश्मन को पकड़ना Court मे जाना मुकदमा चलाना और फिर् उनको jail मे रखना, वो ठीक नहीं है। दुश्मन को encounter से ही चालू आन्दोलन मे मारो। पूरा मार खा के फिर् मारने निकलने से ये अच्छा है सही है।
I pray the police change its modus operandi like this:
जब पुलिस और सरकार को जानकारी हो कि प्रजातंत्र के दुश्मन लोग, जो किसी की भी नहि सुनते है और प्रजा के जान माल का नुकसान करते है, वैसे लोग जब आन्दोलन करते है, तो पुलिश और प्रजा को चाहिये कि वो उन द्श्मनो को काबू मे रखने के लिये पुरी शक्ति व हथियार से तैयार रहे।
फिर आन्दोलन मे जब भी देखो कि ये दुश्मन गलत कर रहे तब ही उनपर वार करो। कोई परवा नहि दुश्मन मर जाये तो। पहले दुश्मन को जान माल का नुकसान करने देना, अराजकता करने देना, और सब कुछ दुश्मन कर के चला जाये उसके बाद कुछ दुश्मन को पकड़ना Court मे जाना मुकदमा चलाना और फिर् उनको jail मे रखना, वो ठीक नहीं है। दुश्मन को encounter से ही चालू आन्दोलन मे मारो। पूरा मार खा के फिर् मारने निकलने से ये अच्छा है सही है।
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