From: Mahabalesswar Deshpande < >
[4/19, 11:58 PM] +1 (617) 480-5843: See how Muzzies brutally lynched Old Hindu Sanyasi in Maharashtra in front of police. Why can’t Gujju Baniyaan Janata Party GOI Dismiss pro-Jihadi Udhav’s Sharia-Sena Govt & other such antinational governments? ENOUGH OF PACIFIST GANDHIAN ANTI-HINDU SICKULAR RULE!
[4/20, 1:41 AM] +1 (609) 271-0189: Check out rajyalaxmi (@rajyalaxmi9): https://twitter.com/rajyalaxmi9?s=09
महाराष्ट्र:
मुसलमानो की 100 से अधिक की भीड़ द्वारा “2 साधुओं और उनके ड्राइवर” की निर्मम मोब्लिंचिंग
महाराष्ट्र के पालघर से हृदयविदारक वीडियो आये है, जिसमें 100+ लोगों की भीड़ ने 2 साधुओं और उनके ड्राइवर को पीट-पीट कर मोब्लिंचिंग कर मार डाला।
वीडियो में पुलिसकर्मी भी दिख रहे हैं जो भीड़ को रोकने के बदले मूकदर्शक बने टहल रहे हैं, वीडियो देखकर ऐसा लगता है कि जैसे पुलिसकर्मी ने स्वयं ही उन साधुओं को हत्यारी भीड़ के हवाले कर दिया इनमें से एक साधु 70 वर्ष के थे और उन्होंने हत्यारी भीड़ से और पुलिस से अपने जीवन की याचना भी की किन्तु खून की प्यासी पागल भीड़ ने उन्हें पीट पीटकरमार डाला।
अब आपको कुछ महीने पूर्व घटित हुई बाइक चोर तबरेज वाली घटना की याद दिलाते हैं जो वही बाइकचोर तबरेज जो मोटरसाइकिल चुराते समय पकड़ा गया था और लोगों ने उसकी धूल झाड़ कर उसे पुलिस के हवाले कर दिया था और 4 दिन बाद लॉकअप में पुलिस कस्टडी में हार्ट अटैक से प्राकृतिक मृत्यु को प्राप्त हुआ था,
जिसके बाद सेकुलर लिबरल बुद्धिजीवी समाज और मोदी व भाजपा विरोधी राजनीतिक दलों द्वारा और उसे मॉबलिंचिंग की संज्ञा देकर पूरे देश में हिंदुओं के विरुद्ध नफरत से भरा हुआ जहरीला प्रोपेगंडा चलाया गया था और पूरे हिंदू समाज और देश के प्रत्येक हिंदू को उस प्राकृतिक मौत के लिए दोषी ठहराया गया था,
अब महाराष्ट्र के पालघर वाली घटना की तुलना करें तो यहां निर्दोषों साधुओं की सिंगल सोर्स भीड़ द्वारा वास्तव में बर्बरता पूर्वक मॉबलिंचिंग कर दी गई, परंतु पूरे देश में एक रहस्यमई चुप्पी और सन्नाटा बना हुआ है, और तबरेज की मौत पर जो लोग आग उगलते पर रहे थे वह सभी इस घटना पर अपनी थूथनें घुटनों में दबाए बैठे हैं
कड़वी वास्तविकता यही है कि इस लोकतांत्रिक धर्मनिरपेक्ष भारत में किसी भी घटना पर दिखने वाला मीडिया, समाज और राजनीतिक दलों का आउटरेज तभी दिखता है जब पीड़ित गैर हिन्दू हो तथा आरोप हिंदुओं पर लगाने का अवसर मिल जाये, अन्यथा गैर हिंदुओं द्वारा हिंदुओं के तो कितने भी नरसंहार कर दिए जाएं और हिंदुओं पर कितने भी अत्याचार हो जाएं हमारे मीडिया समाज और राजनीतिक दलों को उससे कोई फर्क नहीं पड़ता,
और सबसे बड़ी विडंबना यह है कि हिंदू समाज को भी उनके संग हो रहे इस सुनियोजित भेदभाव का कोई बोध नहीं है।
PMO India
Ministry of Home Affairs, Government of India