बारबार सुनो और सब हिन्दू ओ को बांटो।
Ravindra Kaushik:
इस देश में, एक मुल्ला भगवान हनुमान की मूर्ति को चप्पल मारता वीडियो बनाता है।
इस देश में, एक मुल्ला भगवान हनुमान की मूर्ति पर पिशाब करता वीडियो बनाता है।
इस देश में, एक मुल्ला भारत माता को डायन बोलता है।
इस देश में, एक मुल्ला अखलाख गांव के हिन्दू परिवार की बछिया को चुराकर/काटकर खा जाता है।
इस देश में, मुल्ले रेलगाड़ी में बैठे हुए 57 कारसेवकों (औरतों, बच्चों सहित) को ज़िंदा जला देते हैं।
इस देश में, एक मुल्ला पाकिस्तानी झंडे को लपेटकर तिरंगे को पैरों तले रौंदता वीडियो बनाता है।
इस देश में, 7 लाख कश्मीरी पंडितों को मारकर, उनकी महिलाओं का बलात्कार कर खदेड़ दिया जाता है।
इस देश में, डॉ संजीव नारंग को उनके घर के बाहर बच्चे के साथ क्रिकेट खेलने के कारण मुल्लों की भीड़ द्वारा काट दिया जाता है।
इस देश में, एक युवा राष्ट्रवादी को गणतंत्र दिवस पर तिरंगा रैली निकालने पर मुल्लों द्वारा गोली मार दी जाती है।
इस देश में, भारत माता की जय/वंदेमातरम कहना मना कर दिया जाता है।
इस देश में, सरकार द्वारा पोषित विश्वविद्यालय JNU में भारत तेरे टुकड़े होंगे हज़ार इंशा अल्लाह इंशा अल्लाह बोला जाता है।
इस देश में, सरकार द्वरा पोषित विश्वविद्यालय AMU में आतंकियों का समर्थन किया जाता है।
इस देश में, सरकार द्वारा पोषित विश्वविद्यालय JNU में आतंकी मकबूल भट्ट, अफजल की बरसी मनाई जाती है।
इस देश में, मुल्लों द्वारा सेना पर पत्थर बरसाए जाते हैं।
इस देश में, हिन्दूओं के पर्व दही हांडी पर, जल्ली कट्टू पर, होली पर, दीवाली पर, दसहरा पर, कावड़ यात्रा पर, मंदिरों में घंटे बजाने पर सुप्रीम कोर्ट हस्तक्षेप करता है।
इस देश में, मोमता बानो द्वारा दुर्गा पूजा पर बैन लगाया जाता है।
इस देश में, मुल्ला मुलायम द्वारा कारसेवकों पर गोलियां चलवाकर मौत के घाट उतार दिया जाता है।
इस देश में, शनि शिंगणापुर मंदिर, सबरीमाला मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट हिंदुओं की आस्थाओं/परम्पराओ पर कुठाराघात करता है।
इस देश में, एक मुल्ली रेहाना मासिक स्राव के धब्बे वाली सैनिटरी नैपकिन लेकर सबरीमाला जा रही है।
इस देश में, आराध्य श्रीराम फटेहाल तम्बू में पड़े हैं, मंदिर निर्माण कोर्ट के हाथ में है।
तिस पर, विडंबना की पराकाष्ठा यह कि
फिर भी
इस देश में हिंदू आतंकवादी है
इस देश में, हिन्दू असहिष्णु हैं!
इस देश में हिंदू नफरते फेला रहा है
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अब हिन्दू नहिं होने देंगे
सुरेश व्यास
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भारत में 98% मुस्लिमो के बुजुर्ग सब हिन्दू ही थे, इन सब भारतीयों मुस्लिमों को महोमद बीन कासिम ओर ओरंगजेब ने जबरन हिन्दू से मुस्लिम बनाया गया था, लेकिन भारतीय मुस्लिम अपने आप को हिंदुत्व में पुनः परिवर्तन करना चाहते हैं, लेकिन उनके हिंदुत्व में परिवर्तित करने के लिए हमारे नेता कोई आगे आते ही नहीं, कमी हिंदुओं में है वह तो बेचारे तैयार बैठे हैं, क्योंकि इस्लाम कोई धर्म नही है, बल्कि यह अरबी लुटेरों के मौसम व उनकी लुटमार करने वाली फ़ौज के सख्त कानून है, जिससे सारी दुनिया नफरत करती है, ओर 5 टाइम उठक बैठक या अरबी लुटेरो द्वारा करवाई जाने वाली परेड करने से कोई अल्लाह-भगवान-गॉड खुश नहीं होता, जिसे यह कन्वर्टेड भारतीय मुस्लिम नमाज़ कहते है, असल मे यह महोमद के गैंग में समर्पण और एक जगह इकट्ठा होकर लूट-जंग लड़ने की रणनीति तैयार करने का हिस्सा है, ओर 5 टाइम परेड है, इनके पैगम्बर ने बोला है नमाज मक्का की तरफ मुह करके पढ़ो, ओर यह मक्का की तरफ़ मुह करके पढते भी हैं, लेकिन अल्लाह की कितनी छोटी सोच है, अल्लाह ने सोचा के धरती चपटी है, लेकिन भला हो भारतीय संस्कृति ओर वेदों का जिन्होने बताया कि धरती गोल है, पता चला कि कोई देश धरती के निचे कोई दांय कोई बांये, ओर कोई उधर मुह करके नमाज पढ़ रहा है तो कोई उधर, 40 साल की उम्र होने के बाद उनको पता चला कि मैं पैगम्बर हु, फिर अचानक आसमान से कुरान भी आ जाती हैं, कुरान/हदीस तो आसमान से भेज दी, लेकिन अल्लाह कहते है कि दूसरे धार्मिक ग्रन्थ यहूदियों के पड़ने होंगे, जिन यहूदियों को अल्लाह काफिर कहते है, उनके धार्मिक ग्रन्थ इस्लाम में लागू कर दिए, अल्लाह असमान से किताब लेकिन किताब के कागज का अविष्कार काफिर हिन्दुओ ने किया, स्याही का अविष्कार-खोज इटली ने किया, पेन यहूदी ने बनाया, अल्लाह ने आसमानी किताब में गैर मुस्लिम को घात लगाकर कत्ल करने का हुक्म तो दिया, लेकिन इंसान की जान बचाने के लिए कोई किताब नही भेजी, यह नेक जिमेदारी उन्होंने सम्भाली जिन्हें अल्लाह काफिर जाहिल कहते है, अल्लाह ने तलवार पकड़नी तो सिखाई,लेकिन किसी इंसान की बीमारी का इलाज करने की दवाइयां एक्सरे मशीन, इंडोस्कोपी, बाईपास सर्जरी, सिटी स्कैन, एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी, यह सब इंसान की जान बचाने वाली दवाएं-मशीने सब काफिरो ने बनाई, अल्लाह सुन्नत के लिए किताब भेजते हैं, लेकिन सब मुस्लिमों को ऊपर से सुन्नत करके नही भेजते, अल्लाह लूट में मिली ओरतो को हलाल मानते है, 5 टाइम उठक बैठक करके अल्लाह खुश होते है, लेकिन जन्म से दोनों पैरों से लंगड़ा परेड कैसे करेंगे, जब अल्लाह की इतनी छोटी सोच है, तो उन लोगों को सोचना चाहिए और अमल करना चाहिए, जिनके बुजुर्गों ने डर या लालच में लुटेरों के रूल्स को मजहब समझ लिया, ओर हज की दुकान चला रहे अरबियों को, अपने खून पसीने की कमाई, अपने देश से हर साल लाखों करोड़ों डॉलर उन्हें अय्याशी करने के लिए दे आते हैं, जो इनको मुस्लिम भी नही मानते, ओर धुतत्कारते भी है, ओर अंत मे भारतीय कन्वर्टेड मुस्लिम भाइयो 21वीं सदी के बुद्धिजीवियों साइंस &टेक्नोलॉजी का जमाना है, ओर अरबियों के इस्लाम की पोल खुल चुकी है, ब्रेनवाश करने वाले मदरसों-मस्जिदों में इंसान के बच्चे को, सिर्फ एक मिट्टी के बर्तन कि तरह इस्लाम का आकार देकर पकाया जाता हैं, कच्ची मिट्टी के बरतन को बार-बार तोड़ कर आकर बदल सकते है, लेकिन 25/30 साल की उम्र के बाद पकाई हुई मिट्टी के बर्तन को तोड़ा जा सकता है, लेकिन आकार नहीं बदला जा सकता, वैसे ही इंसान हैं, आपके बच्चों को मदरसों मस्जिद की तालीम शिक्षा न दे, ओर अब कोई यह मत कहना कि इस्लाम की जानकारी नहीं है, गूगल प्ले स्टोर में जाकर, कुरान हिंदी में, डाउनलोड करके पड़ लो, अल्लाह को लूटमार/खूनखराबा/हलाला/महिलाओ व बच्चो का शोषण ही पसन्द है, 60 साल का बुडा 9 साल की बच्ची से शादी करे वो भगवान/अल्लाह का दूत हो सकता है,अल्ला ऐसी सोच रखता है, जिससे इंसान भी शर्मशार हो जाये, कोई नही देगा 60 साल के बुड्ढे को अपनी बेटी, या तो उसके साथ जबरदस्ती है, या उसे मजबूर किया गया था, यह गैर मुल्की,गैर इंसानियत है, जिससे सारी दुनिया नफरत करती हैं, ओर इंसानियत के खिलाफ भी है, भगवान/अल्लाह कत्ल के पैगाम की किताबें नही भेजा करते, ओर न ही हम अरबी है, हम हिंदी/हिन्दू है, ओर हमें वापिस हिंदुत्व में लौटकर आना ही हम सबकी भलाई है, ओर हिंदुस्तानी कन्वर्टेड मुस्लिमो भाइयों के हितत्त में भी है,
जय हिंद, वन्देमातरम, जय श्री राम