This is very pleasing news! असुर निकन्दन कर्म से बहूत पून्य मिलता है। नारायण भगवान और भारत माता को प्रसन्न करने के लिये लक्ष्मी का ये बडा सदुपयोग है। ब्राह्मण और धर्म गुरुओ का कर्तव्य है कि वे आतन्की असुर को श्राप दे,
धनवान वैश्यों का कर्तव्य है के वे असुर निकन्दन के लिये इनाम जाहिर करें,
और क्षत्रिय युवाओ का कर्तव्य है के वो श्राप को सच् करके इनाम और पुन्य पावे।