भारत आज भी गुलाम है?
Ref. A video at
www.youtube.com/watch?v=A0pmI3FhoO4
ऐसा लगता है कि ये गुलामी कगज़ पर – दस्तावेज या करार पर है। वास्तव मे नहिं है – जैसे कि :-
– यु. के. को बचाने के लिये भारतीय लश्कर को आदेश नहि दिया शकता
– यु. के. भारत से कोई कर नहि लेता , और न मांगता है
– राजकारण या कोई भी आंतरीक मामले मे भारत को कोई मन्जूरी यु. के. से नहि लेनी पडती , और न यु. के. कहता है कि उनसे कोई मन्जूरी लो
– यु. के. ने १९४७ के बाद भारत को कोई आदेश नहि दिया है
– कोई वहां का नागरिक भारत मे आकर नहि बोला है कि उसको यहा रहने का अधिकार है
– भारतीय लोगो को भी यु. के. जाने के लिये वीसा लेना पडता है।
तो ईस लिये श्री मोदी न को चाहिये कि वे ये जो करार दस्तावे है उन सबको रद करे और जाहिर करें कि रद किया है। ऐसा करने से यु. के. कोई विरोध करने वाला नहि है।
दूसरी बात :-
ये ऐतिहासिक दस्तावेज रद होने से भ्रष्टाचार या गरिबी दूर नहि होने वाली।
७० सालसे कोन्ग्रेस ने भ्रष्टाचार – आधात्मिक बिमारी – धर्म ग्लानी – देश के लोगों मे डाल दी है।
किन्तु इनके जिम्मेवार हम हि है।
भारते के लोग भ्रष्टाचार छोड दे अपनी मरजी , से नहितो मोदी जी छूडवाएं गे , और सजा भी दिलवाएंगे।
सुरेश व्यास
जय श्री कृष्ण