भारतीय मुसलमानो – शोचो और समज़ो
भारत देश, जो हजारो सालों से हिन्दूओं का देश है, उसमे ईस्लाम १००० साल पहले घुसा हुवा है निमन्त्रित नहि किया गया। गलती से हिन्दूओ ने मान लिया कि ईस्लाम भी अच्छा धर्म होगा – किन्तु हमारा १००० साल का इतिहास कहता है कि ईस्लाम को देशमे रखना वो घरमे जहरिले सांप को रखने जैसा है – वो काटता हि रहता है – हिन्दूओ को मारता हि रहता है – और भारत देशको हमसे छीन लेना चाहता है।
ईसलिये ईस्लाम को भारत मे से जिकाल देने कि जरुरात है।
याद रहे – मै ईस्लाम को निकालने की बात करता हु, मुसलमानो को निकालने की नहि।
ये भारत के मुसलमान के पूर्वज हिन्दू थे जिनको जानकी धमकी से मुसलमान् बनाया गया था।
ईसलिये ये मुसलमानो को कह दो कि वे ईस्लाम् छोड दे। और ईस्लाम छोडना नहि है तो भारत देश छोड दे. क्युं कि :-
- ईस्लाम लोकतन्त्र कि विरुद्ध है और भारत मे लोकतन्त्र है
- ईस्लाम सब हिन्दूओ को मुसलमान बनाना चाहता है या मार डालना चाह ता है
- १९४७ मे ईस्लाम कि हिंसक मांग के कारण देश का बटवारा हुवा है और मुसलमानो के लिये पाकिस्तान बनाया गया है. ईसलिये मुसलमानो का भारतमे होना शोभा नहि देता
- सब ईस्लामि देशो मे केवल ईस्लाम हि कायदेसर है
- यहां मुसलमानो को मत देनेका अधीकार वापस लिया जायेगा क्युं कि मताधिकार जो लोकतन्त्र मे मानते हें उनके लिये है , और ईस्लाम लोकनत्र का दुश्मन है।
तो आप मुसलमानो शोच लो – ईस्लाम छोडेंगे या देश छोडेंगे ?
तब तक सब मदरेसो पर ताला लगाया जायगा – पुलिस लगायेगि या तो जनता लगायेगी ऐसा मुज़े लगता है।.
जय श्री कृष्ण
सुरेश व्यास