From: Vedpal Rathee < >
PM Narendra Modi ji,
आओ हम फिर लौट चले. :–
समय बदलता नहीं बदलती हैं लोगों की भावना, विशेष कर देश के प्रति ! लम्बी गुलामी के विरुद्ध 1857 ईस्वी में आज़ादी का झंडा बुलंद हुआ और 90 साल तक एक से एक बढ़ कर कुर्बानियां हुई ! कुछ लोग तो इस से भी बीस साल पहले एंग्लो सिख युद्ध में अंग्रेजों के विरुद्ध लड़े ! ये और कोई नहीं शहीद भगत सिंह के बड़े दादा थे ! इनकी आधी सम्पति एंग्लो सिख युद्ध में हिस्सा लेने के एवज में जब्त करली गई थी ! अंग्रेजों ने उन्हें 1857 में बुलाया की आप इस बगावत में हिस्सा न लें ,आप की सम्पति वापस करदी जायगी ! भगत सिंह के दादा ने कहा की गुरु जी ने मुझे ऐसा नहीं सिखाया !
सन 1942 आते -2 भारत छोडो या समूर्ण आज़ादी की गूंज उभरी और देश भक्तों की क़ुर्बानीओं
ने देश को आज़ादी दिलाई ! सरदार पटेल जैसे देश भक्तों के बाद एक ऐसे देश भक्तों की लाइन लगी की चोरी
के इल्जाम में जेल गये लोगों ने भी स्वतंत्रता सेनानी की बड़ी -2 पेंशन ली और आज भी ले रहे हैं !
फिर तो देश पर कुर्बान होने की बजाय देश लूटने की लहर चल पड़ी ! आज हज़ारों पूर्व सांसद या
विधायक लाखों रूपए मासिक पेंशन ,जेल में बैठ कर भी, एक दिन सांसद या विधायक रह कर पेंशन ले रहे हैं !
क्या किसी नौकरी या देश में सपथ लेते ही पेंशन हो जाती हैं ?
यह लूट बंद करों ! देश खरबों रूपए के बोझ तले डूबा जा रहा हैं ! करोड़ों रूपए लूट कर लाख रूपए मासिक
पेंशन लेकर जनरलों तक JM पर और पेंशन की मांग कर रहे हैं?
समय नहीं बदला बदली देश के प्रति भावना ?
आओ हम फिर लौट चले. लोट चले लौट चले :–
वेदपाल राठी
७२० पिकफैर लेक मैरी , ऑर्लैंडो Fla USA