From: Chandar Kohli < >
रेप-जिहाद
Kuraanic -Islamic- Muslims are doing बलात्कार जिहाद, विवाह जिहाद , छेड़छाड़ जिहाद , लूट जिहाद , ह्त्या जिहाद , चोरी जिहाद आदि आदि .
— हिन्दू समझ नहीं रहे कि भारतीय समाचार विभाग is anti-Hindu and pro-Muslim do not show the atrocities done to Hindus by Kuraanic- Islamic- Muslims —–pro-Muslim media is part of and is responsible and equally responsible for all these atrocities on Hindus by koranic- Islamic- Muslims ——–
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From: Pramod Agrawal < > wrote:
मैं यह बात शायद लोगों की समझ के हिसाब से समय से पहले कह रहा हूँ….या शायद लोग बहुत देर से समझेंगे…
किसी बलात्कारी का धर्म और किसी पीड़िता की जाति देखना बहुत ही छुद्रता का काम है. पर जब बलात्कार सिर्फ एक अपराध ना होकर एक युद्धनीति बन जाये तो यह नियम बदल जाते हैं. तब आपको देखना होता है, यह अस्त्र कौन, किसके विरुद्ध चला रहा है.
बलात्कार सदियों से युद्ध का एक अस्त्र रहा है. पराजित जनसमूह में से प्रतिकार के लिए तत्पर पुरुषों की हत्या और लूटी हुई नारियों का बलात्कार सदियों से अपनी विजय को स्थायी बनाने का माध्यम रहा है. भारतीय सभ्यता के लिए यह इस्लामिक आक्रमण तक लगभग अनजानी चीज रही होगी. क्योंकि भारत भूमि पर युद्ध हमेशा सेनाओं और राजाओं के बीच लड़े गए. जनता इनसे अछूती अपना जीवन जीती रही. इसलिए जब यह निरंकुश, नृशंस, अमानवीय सैन्य शक्ति भारत पहुंची तो हम इसके लिए तैयार नहीं थे. पर यह मंगोलों, हूण और इस्लामिक युद्ध नीति का भाग रहा. बाकायदे लूटी हुई महिलाओं से बलात्कार के नियमों का मैनुएल बनाया गया, जो आप आज एक धर्मग्रन्थ के नाम से पढ़ सकते हैं….
अरब और तुर्की से हमारे यहाँ आक्रमणकारी सैनिक औरतें लेकर नहीं आये थे. फिर उनकी संतति करोड़ों में कैसे पहुंची, यह समझना कठिन नहीं है. औरतों का बलात्कार एक पराजित जनसमूह के मनोबल को पूरी तरह से तोड़ कर, अपमानित करके पूर्णतः दास बनाने की प्रक्रिया का भाग है. उस स्थिति में विजेता वर्ग इसे अपराध के रूप में नहीं देखकर विजय पर्व की तरह देखता है. आप देख रहे हैं, रेप के अपराधी के बचाव में पूरे मुस्लिम समाज की शक्ति लग जाती है…वे अपराधी नहीं हैं, वॉर हीरो हैं…और यह रेप-जिहाद है…