इस्लाम शांति का नहीं आतंक का धर्म है


From: Pramod Agrawal < >

इस्लाम शांति का नहीं आतंक का धर्म है

{{ अक्सर मुसलमान यह दावा करते रहते हैं कि इस्लाम का उदेश्य विश्व में शांति फैलाना है .क्योंकि अरबी भाषा में इस्लाम का अर्थ शांन्ति ही है .मुसलमान यह भी दावा करते हैं कि उनका अल्लाह बड़ा दयालु और मेहरबान है ,और उसने कुरान में शांति के उपदेश दिए है .

मुसलमानों के ऐसी ही लुभावनी और झूठी बारों में आकर इस्लाम को जाने बिना ही सीधे साधे लोग इसे सच समझ लेते हैं .क्योंकि उन्हें पता नहीं है कि जो इस्लाम के बारे में मुसलमान कहते हैं सब उनकी कपट नीति है .जिसका उद्देश्य अपने दुष्ट ,क्रूर ,आतंकी ,और अमानवीय कुकर्मों पर परदा डालना है.

इसके लिए मुसलमान अक्सर यह चालाकी करते हैं कि ,जब भी उनकी किताबों में कोई बुराई बताई जाती है ,तो वह उसे छुपाने के लिए तरह तरह के बहाने अपनाते हैं ,जैसे यह हदीस गलत है ,इसका अनुवाद सही नहीं है ,या हम इसे नहीं मानते .लेकिन मुसलमानों का अल्लाह अपनी किताब कुरान में मुसलमानों को सदा लड़ते रहने की शिक्षा देता है .और उस शिक्षा पर अमल करके मुसलमान सदैव निष्कारण लड़ते रहते हैं ,और निर्दोष लोगों की हत्या को अपना धार्मिक फर्ज मानते है .अज जितने भी आतंकवादी हमले हो रहे हैं ,वह अल्लाह के उस आदेश के कारण है ,जो उसने कुरान में दिए हैं . }}

{{ ,इसके थोड़े नमूने देखिये }}

1 -लोगों को लड़ाई के लिए उभारो ==>>'{{ “हे रसूल तुम इमान वालों को हमेशा लड़ाई के लिए उकसाते रहो “सूरा -अल अनफ़ाल 8 :65 }}

2-आसपास में अशांति फैलाओ ==>>{{ “हे ईमान वालो तुम अपने आसपास के गैर मुस्लिमों से युद्ध करते रहो “सूरा तौबा 9 :123 }}

3-बिना कारण लड़ते रहो ==>>{{ “तुम पर हमेशा युद्ध करते रहना फर्ज है ,चाहे ऐसा करना तुम्हें अप्रिय क्यों न लगे ” सूरा -बकरा 2 :216 }}

4-अल्लाह से बड़ा मुसलमान का डर ==>>{{ “लोगों के सीनों में अल्लाह से बढ़कर तुम्हारा भय होना चाहिए ,क्यों कि लोग इसके बिना नहीं मानेगे “सूरा -अल हश्र 59 :13 }}

5-लोगों के घर उजाड़ दो ==>>{{ “अल्लाह ने उन लोगों के दिलों में इतनी दहशत बार दी कि वह डर के मारे खुद मुसलमानों के हाथों अपने घर उजड़वाने लगे ,ताकि बाकी लोग उनसे शिक्षा ग्रहण कर सकें “सूरा -अल हश्र 59 :2 }}

6-लड़ाई इमान की निशानी है ==>>{{ “जो भी लोग ईमान लाते हैं ,वह हमेशा अल्लाह की राह में लड़ते रहते हैं ” सूरा -निसा 4 :76 }}

7-जबरदस्ती अपनी शर्त मनवाओ ==>{{ “जो लोग तुमसे संधि नहीं करना चाहें ,तो उनको जहाँ पाओ ,पकड़ो और उनका वध कर दो .यह ऐसे लोग हैं ,जिन पर तुम्हें पूरा अधिकार दिया गया है ” सूरा -निसा 4 :91 }}

8-अल्लाह डराता रहे तुम मारते रहो ==>>{{ “मैं काफिरों के दिलों में भय पैदा करता हूँ ,और तुम उनकी गर्दनों पर वार करते रहना ,और उनकी हड्डियों के हरेक जोड़ पर चोट करते रहना ” सूरा -अल अनफ़ाल 8 :12 }}

9-फिरौती लेकर भी अहसान जताओ ==>{{ “जब भी तुम्हारी गैर मुस्लिमों से मुठभेड़ हो जाये तो पहले उनकी गर्दने काट देना ,यदि नहीं कर सको तो उनको बंधनों में कैद कर लेना .फिर उन से फिरौती लेकर कहना कि देखो यह तो तुम्हारे ऊपर हमारा बड़ा अहसान है ” सूरा -मुहम्मद 47 :4 }}

10-लड़ना भी एक व्यापार है ==>>{{ “जो लोग इस सांसारिक जीवन के बदले में आखिरत का सौदा करना चाहते हैं ,तो उन्हें चाहिए कि वह हमेशा अल्लाह के नाम पर युद्ध करते रहें .चाहे वह युद्ध में मारे जाएँ ,या जीत जाएँ ,उन्हें बड़ा प्रतिदान मिलेगा .”सूरा-निसा 4 :74 }}

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{{ ” यह तो थोड़े से नमूने हैं ,इन से लोगों को पता चल जायेगा कि मुसलमान आतंकवाद क्यों फैलाते रहते हैं ,और बिना कारण निर्दोष लोगों की हत्याएं क्यों करते रहते है }}

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Author: Vyasji

I am a senior retired engineer in USA with a couple of masters degrees. Born and raised in the Vedic family tradition in Bhaarat. Thanks to the Vedic gurus and Sri Krishna, I am a humble Vedic preacher, and when necessary I serve as a Purohit for Vedic dharma ceremonies.

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