From: Ravi Dev Gupta < >
परिस्थितियां अब सबके सामने स्पष्ट होती जा रहीं है। गाँधी जी न तो हिन्दू कहलाने के योग्य थे न ही उनके हितेषी। एक कायर हिन्दू नेता के रूप में सदैव मुसलमानो का ही पक्ष लेते रहे जबकि स्वयं मुस्लमान उनको घृणा की ही दृष्टि से देखते थे.
नेहरू परिवार भी एक मुस्लिम परिवार था और गांधीजी ने सदैव उनको आगे रखकर हिन्दुओं के हितों की बलि ही चढ़ाई। भोले हिन्दू समाज के साथ हमेशा यह लोग छल ही करते रहे. देश बाँट दिया धर्म के आधार पर, पर हिन्दुस्थान को कभी हिन्दुओं का स्थान नहीं बनने दिया।
Arya Ravi Dev
President
Ekal Vidyalaya Foundation of India
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Ekal Vidyalaya Foundation of India