अब दया नहीं, हथियार से स्वागत् करिए इन हत्यारों , देश के दुश्मनों का.


Source: https://www.youtube.com/watch?v=jKJ1VsNppDY

By aditi chaurasia

यदि दो मुसलमान आपस में लड़ते हैं तो कोई भी हिन्दू उन्हें छुड़ाने न जाए क्योंकि ये उसी को मार देते है जो इन्हें छुड़ाने जाते हैं और बीच-बचाव में मारा गया कह के शिकार भी हो गया और मजहब पर आंच भी नहीं आई वास्तव में उनकी लड़ाई आपको शिकार बनाने की ही है । ऐसे ही 57 देश नहीं बने हैं इनके कि किसी देश घुसे और मारना काटना लूटना शुरू कर दिया और दूसरे धर्म के लोग भाग गए , फिर पूरे देश पर इनका कब्जा हो गया ये इसी तरह से आपस में लड़ने का नाटक करते हैं , और जो भी कोई काफ़िर (गैर मजहबी) इनके जाल में फंसा उसका सफाया ! यदि किसी काफिरों के गांव का सफाया एक साथ करना हो तो म्यांमार का उदाहरण आपके सामने है पर ये वहां पर फंस गए और इनके जेहाद की पोल खुल गई , इसके लिए आप शोशल मीडिया को धन्यवाद कह सकते हैं वरना इन्होंने तो सारा इलज़ाम म्यांमार की सेना पर लगभग-लगभग डाल ही दिया था ऐसे न जाने कितने शहरो का सफाया किया गया होगा , और किसी को भनक तक नहीं लगी होंगी और ऐसे ही इन्होंने कई देशों पर कब्जा करने के लिए न जाने कितनी हत्यायें की होगी ! तब इनके 57 देश और फिर मजहब पर आंच भी नहीं आई और काम भी हो गया ! अब इंटरनेट आ जाने से ये अब कम ही सफल होंगे बड़े स्तर पर लेकिन छोटे स्तर का जेहाद जारी है इनका भारत में,,, और तब तक इनका जेहाद सफल होता रहेगा जब तक हिन्दू दया (मूर्खता)की मूरत बने रहेंगे “जेहाद” का मतलब एक ऐसी शातिर चाल जिसमें फंसे शिकार को भी अपने फंसे हुए होने एहसास तक नहीं होता ,,, जब तक वो जीवित है या उसकी मृत्यु एक-आध घंटे की बात हो ! अब दया नहीं हथियार से स्वागत् करिए इन हत्यारों , देश के दुश्मनों का ,,,, वन्दे मातरम , भारत माता की जय

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Author: Vyasji

I am a senior retired engineer in USA with a couple of masters degrees. Born and raised in the Vedic family tradition in Bhaarat. Thanks to the Vedic gurus and Sri Krishna, I am a humble Vedic preacher, and when necessary I serve as a Purohit for Vedic dharma ceremonies.

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