Source: https://www.youtube.com/watch?v=ABVo5c_cicI
by Hindu Publisher
कहां-कहां मोर्चा खोल रखा है इस्लामिक आतंकवादियों ने? दुनियाभर में यदि कहीं पर भी आतंकवाद है तो उसके पीछे इस्लाम की सुन्नी विचारधारा के अंतर्गत वहाबी और सलाफी विचारधारा को दोषी माना जाता है। इनका मकसद है जिहाद के द्वारा धरती को इस्लामिक बनाना। आतंकवाद अब किसी एक देश या प्रांत की बात नहीं रह गया है। यह अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गठजोड़ कर चुका है और इसके समर्थन में कई मुस्लिम राष्ट्र और वामपंथी ताकतें हैं। सऊदी, सीरिया, इराक, अफगानिस्तान, कुर्दिस्तान, सूडान, यमन, लेबनान, पाकिस्तान, बांग्लादेश, मलेशिया, इंडोनेशिया और तुर्की जैसे इस्लामिक मुल्क इनकी पहानगाह हैं। इस्लामिक आतंकवाद की समस्या व उसकी जड़ के असली पोषक तत्व सिर्फ सऊदी अरब, चीन, ईरान ही नहीं हैं। इनके समर्थक गैर-मुस्लिम मुल्कों में वामपंथ, समाजसेवी और धर्मनिरपेक्षता की खोल में भी छुपे हुए हैं। इनके कई छद्म संगठन भी हैं, जो इस्लामिक शिक्षा और प्रचार-प्रसार के नाम की आड़ में कार्यरत हैं। इस्लाम ना तो तब इंसान बना सका ना अब. इस्लाम तब भी इंसान को जानवार और मानसिक गुलाम बना कर बहुत ही गलीज़ भोगेड़े लुटेरे शरणार्थी की जिंदगी दी और आज भी दे रहा है. इस्लाम इंसान को कभी भी अच्छी जिंदगी नहीं दे सकता. देख लो मुसलमान की हालत बताने के लिए शबद्कोष के शब्दों की कमी हो जाएगी इनकी बादतर हालत बयान नहीं कर सकते. पाकिस्तानी इस्लाम के शिकार का जीता जागता उदाहरण है. मुस्लमान का हलाला बलात्कार निकाह बलात्कार रिश्ते का बलात्कार औरत को टेंट में ढकने का बलात्कार इंसानी सोच की स्वतंत्रता पर रोक का बलात्कार, बहु विवाह और दरज़नो बच्चे पैदा करने का अपराध, कफिर करार देकर एक दूसरे को मारने का अपराध, ईशनिंदा और मूर्तद जैसे हिंसक अमानवीय शारिया कानून का सैकरो सबूत दे सकता हू. तूने मेरी एक बात को भी सबूत से काटा नहीं की आज रोहइंगया समेत 7 करोड़ मुस्लिम refugees नहीं है दुनिया भर में? पिछले 20 सालों में में पाकिस्तान में ओसामा समेत 4 करोड़ मुस्लिम नहीं मारे गए? समझदार इंसान इस्लाम को छोड़कर जा रहे हैं. और आगे मदरसा का तोता ग्यान बकने के पहले मौलवी से पूछ लेना एक ऐसा इंसान का नाम बता दे जिसको तुम सब मुस्लिम गर्व से केह सको ये है सचा मुसलमान. मुहम्मद का नाम मत ले लेना. क्यु कि वो क्रिमिनल था और अगर आज के दिन ज़िंदा होता तो जेल मे होता. और इसलिए मुसलिम इस्लाम छोड़ इंसान बन रहे हैं. 10 साल में सुनामी आने वाली है जब एक साथ 79% मुस्लिम इस्लाम छोड़ देंगे. ये गलत है कि अब तक किसी ने इस्लाम को खतम करने की कोशिश की. इस्लाम अब ख़तम होगा. इस्लाम इंटरनेट युग नही झेल पाएगा. बस भारत पाकिस्तान बांग्लादेश के गरीब जेहादी ही मुस्लिम रह जाएगा. क्यूकि इनको 50 साल बाद पता चलेगा कि दुनिया के मुस्लिम इस्लाम छोड़ दिया.