Source: http://www.youtube.com/watch?v=iKMDvS5i2K0
By Ravidra Kaushi Buraq Space Center
धर्मनिर्पेक्षता का ढोग बंद करो और मशाल जलाओ।
एक सुन्दर संवाद : एक बार ज़रूर पढ़ेँ बी एस सी का छात्र… कॉलेज का पहला दिन… (गले में बड़े बड़े रुद्राक्ष की माला) .
प्रोफेसर : बड़े पंडित दिखाई देते हो लेकिन कॉलेज में पढाई लिखाई पर ध्यान दो पूजा पाठ घर में ही ठीक है !! (क्लास के सभी बच्चे ठहाका लगाते है ) .
छात्र (विनम्रता से) : सर आप मेरे गुरु है और सम्माननीय भी इसलिए आपकी आज्ञा से ही कुछ कहना चाहूँगा।
शिक्षक कहते है : बोलो… .
छात्र : सर ऐसे छोटे कॉलेज छोडिये, जब आई आई टी और मेडिकल कॉलेज तक में एक मुस्लिम छात्र दाढ़ियाँ बढाकर या टोपी चढाकर जाते है और कितनी भी बड़ी लेक्चर हो क्लास छोड़कर namaz के लिए बाहर निकल जाते है तो शिक्षक को वो धर्मनिष्ठता लगता है।
जब क्रिस्चन छात्र गले में बड़े क्रौस लटकाकर घूमते है तो वो धर्मनिष्ठता है और ये उनके मजहब की बात हुई और आज आपके सामने इसी क्लास में कितने ही लड़कियों ने बुर्खा पहना है और कितने ही बच्चो ने जालि-टोपी चढा रखा है तो आपने उन्हें कुछ नहीं कहा
तो आखिर मेरी गलती क्या है ??? क्या बस इतना की मै एक हिंदू हूँ ???
शिक्षक क्लास छोड़कर बाहर चला गया…
धर्मनिर्पेक्षता का ढोग बंद करो और मशाल जलाओ।