Source: youtube.com/watch?v=eMYpEo0wyQg
By Raj Singh
(हिन्दू अब ये मूर्खता छोडें.)
भारत के जवान तो मरने ही थे,
जब हमारे ही देश के अंदर पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगते है,
तो हमले तो होंगे ही.
भारत के टुकड़े होने के नारे लगते है,
मुस्लिम रैलियों में पाकिस्तान का झंडा फहराते है,
इस्लाम-मुस्लिम ब्रदरहुड-जिहाद के नाम पर
आतंकवादियों को अपने घरों में शरण देते हो,
तो उन पाकिस्तानियों का होंसला जब भारत के लोग बढ़ाते है,
फिर हमले भी होंगे, हमारे जवान भी शहीद होंगे.
जब तक भारत भी, चीन और म्यंमार की तरह,
आतंकवाद की बजाय इस्लाम के खिलाफ कार्यवाही नही करता,
तब तक भारत सुरक्षित नही हो सकता.
वरना हमारे जवानों सहित आम नागरिक
आगे भी जिहाद के नाम पर बेमौत मरते रहेंगे.
जब इस्लाम के नाम पर अफगनिस्तान बना,
फिर पाकिस्तान, बंगलादेश,भूटान,मालदीव,
अब कश्मीर बनाने की कोशिश.
लेकिन 800 सालो से अत्याचार सहन कर रहे
हिन्दुओ को अभी भी अक्लल नहीं आई.
अब हमारे 40 जवान शहीद हुए ,
थोड़े दिन बाद फिर भूल जाएंगे(?),
जैसे मुम्बई में 350 लोगो की हत्या भूल गए थे.
इस्लाम में सबसे पहले दिमाग गिरवी रखा जाता है,
जो इन कन्वर्टेड मुस्लिमो (की प्रजा) का रखा हुआ है.
इनका मकसद तो क्लियर-साफ है,
ओर हिन्दू खुद ही इनकी दलील दी देते फिरते है
कि यह सच्चा मुसलमान नही हो सकता.
सच्चे मुसलमान के लिए जब इनकी किताब में ही लिखा है,
कि मूर्ति पूजको की हत्या करने वाला ही सच्चा मुसलमान है,
ओर मूर्ति पूजक तो हम हिन्दू ही है.
अगर मिला, तो वो मूर्ति पूजको को तो जरूर काटेगा,
तभी वह सच्चा मुसलमान होगा.
अब देख लेना, की आपको सच्चा मुसलमान ठीक लगता है या झूठा.
लेकिन इनकी किताब के कानून के हिसाब से
गैर मुस्लिमों का मरना निश्चित है.
हिन्दू राजाओ का इतिहास देख लो,
पृथ्वीराज चौहान ने 17 बार माफ् किया,
लेकिन महोमद गोरी ने
उसी माफ् करने वाले की आंखे निकाल ली थी.
फिर महोमद बिन कासिम से लेकर ओरंगजेब तक देख लो,
राम मंदिर तोड़ने से लेकर बाबर को,
इजराइल में यहूदी टेम्पल को गिराकर अलअसका मस्जिद बनाने का देख लो,
सोमनाथ मंदिर, कटासराज मन्दिर.
9वें सिक्ख गुरु साहब का शिष
इस्लाम के नाम पर ओरंगजेब ने उतारा,
ओर यह कन्वर्टेड दोगले तैमूर, खिलजी, बाबर, मो.बिन कासिम,
ओर सिक्ख गुरुओ के कातिल ओरंगजेब को
21वीं सदी के मुस्लिम अपना हीरो खलीफा मानते है.
10वें गुरु साहिब जी के पुत्रो, 2 साहिबजादों को
12 साल 14 साल के मासूम बच्चो को जिंदा दीवार में चुनवाया.
यह तो इतिहास में भी लिखा है,
ओर श्री गुरु ग्रन्थ साहिब में भी है.
अफगानिस्तान में जो हिन्दुओ के साथ हुआ था वो कम था क्या?
फिर पाकिस्तान के बलूचिस्तान, सिंध, पंजाब, कश्मीर, बंगालदेश में,
भूटान, मालदीव में है कोई हिन्दू ?
केरल में, पश्चिम बंगाल में, म्यंमार,आसाम में देख लो,
कातिल कानूनों वाली किताब में जब यह लिखा है
कि घात लगाकर हमला करें, या मोके का इंतजार करें.
यह तो वो सब कर रहे हैं.
लेकिन हिन्दू क्या कर रहे हैं?
अपने अंत अपनी बारी का इंतजार कर रहे हो तो करते रहो.
90के दशक में कश्मीरी पंडितों को चुन-चुन कर मारा गया
तब भारत सरकार, विपक्षी पार्टियों, मानवाधिकार,
मीडिया ओर नेताओ ने आंखों पर पट्टी बांध ली थी.
अब अपनी रक्षा हिन्दुओ को उसी तरह करनी होगी,
जैसे पंजाब में सिक्ख गुरुओ ने हिंदुत्व का ढिंढोरा फेंक कर
हिन्दुओ की रक्षा के लिए कृपाण उठाई थी,
ओर जनेऊ में धर्म व आत्मरक्षा के लिए चाकू डाल लिया था.
अरबी अनुयायी सिर्फ गद्दार कोम का धर्म मजहब
सिर्फ अरबी लुटेरों के रूल्स फोलोव करना है,
ओर मौका देखकर.
तब तक ईमान धर्म की बात करते है,
जब तक वो भला आदमी फिर से
उनके चंगुल बहकावे में नही आ जाता,
ओर हरामी सेकुलर लोग जब तक यह नही कहते
कि नही यार, सब एक जैसे मुसलमान नही होते,
पांचो उंगलियां बराबर नहीं होती.
ओर फिर अपने अरबी लुटेरों राक्षसों
आकाओ की दिखाई गई मंजिल की ओर फिर चल पड़ते है.
लेकिन इतिहास गवाह है, आज तक इनका यही मकसद रहा है,
की सबको अरबी सभ्यता के गुलाम बनाओ, या मार डालो,
ओर यह कर भी रहे है.
ओर हिन्दुओ ने फिर वही रट लगानी होती है,
नही यार पांचो उंगलियां बराबर नही होती.
(सच यह है कि ईस्लाम का देश मे होनो ही
हिन्दूओं के लिये जानलेवा, मान लेवा, माल लेवा खतरा है।
जय श्री कृष्ण
Hinduunation.com)