Source: youtube.com/watch?v=useTH-b4Hmo
By Sagar Gupta
जाम्बिया बना 57वां इस्लामिक राष्ट्र.
राष्ट्रपति ने मुस्लिम जनसँख्या अधिक होते ही घोषित कर दिया इस्लामिक राष्ट्र…
सेकुलरिज्म तभी तक चला जबतक मुस्लिम अल्पसंख्यक थे, बहुसंख्यक होते ही पर लागू हुआ इस्लामिक शरिया कानून…
जो लोग मुसलमानों की इस मौलिक बात को नहीं समझेंगे वे हमेशा भटकते रहेंगे… मुसलमान केवल तब तक ही धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक होता है जब तक वो अल्पमत में होता हैं।
ये दोनों सिद्धांत उनके लिए आस्था के बिंदु नहीं बल्कि एक हथियार हैं। वास्तव में लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता इस्लाम में हराम है।
आप स्वयं पता करोगे तो पाओगे की दुनिया का कोई भी मुस्लिम देश लोकतांत्रिक या धर्मनिरपेक्ष नहीं है। वे इस्लामी गणतंत्र से ऊपर नहीं उठ सकते। जैसे ही मुसलमान बहुसंख्यक होते हैं, लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता उड़ जाते हैं।
इसके विपरीत जब ये अल्पमत में होते हैं तो इनको सारे अधिकार चाहिए, परंतु जैसे ही बहुसंख्यक होते हैं कट्टर इस्लामीक बन जाते हैं, जो अल्पमत वालों को जीने का भी अधिकार नहीं देते। सारी दुनिया और भारत में कहीं भी नज़र डालिए, मेरी बात समझ आ जायेगी।
(ईसलिये हिन्दूओ को भारत देश को एक हिन्दू देश बनाना हि होगा – सिकुलर नहि। – Suresh Vyas
जय श्री कृष्ण)