Source: https://www.youtube.com/watch?v=0ohjjmUrFXI&pbjreload=10
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अगर कोई मुसलमान कहता है कि हम शांति वाले हैं तो उसे यह जरूर बता देना, जिहाद का उद्देश्य इस्लाम के धर्म-ग्रंथों-कुरान और हदीसों में सुस्पष्ट दिया गया है। देखए कुछ प्रमाण-
( 1 ) ”तुम उनसे लड़ो यहाँ तक कि फितना (उपद्रव) बाकी न रहे और ‘दीन’ (मजहब) पूरा का पूरा अल्लाह के लिए हो जाए”। (कुरान 8:39 ,पृष्ठ 354)
( 2 ) ”वही है जिसने अपने ‘रसूल’ को मार्ग दर्शन और सच्चे ‘दीन’ (सत्यधर्म) के साथ भेजा ताकि उसे समस्त ‘दीन’ पर प्रभुत्व प्रदान करे,चाहे मुश्रिकों को नापसन्द ही क्यों न हो”। (कुरान 9:33, पृष्ठ 373)
( 3 ) पैगम्बर मुहम्मद ने मदीना के बैतउल मिदरास में बैठे यहूदियों से कहाः ”ओ यहूदियों! सारी पृथ्वी अल्लाह और उसके ‘रसूल’ की है यदि तुम इस्लाम स्वीकार कर लो तो तुम सुरक्षित रह सकोगे।” मैं तुम्हें इस देश से निकालना चाहता हूँ इसलिए यदि तुममें से किसी के पास सम्पत्ति है तो उसे इस सम्पत्ति को बेचने की आज्ञा दी जाती है वर्ना तुम्हें मालूम होना चाहिए कि सारी पृथ्वी अल्लाह और उसके रसूल की है”। (बुखारी, जिल्द 4:392,, पृष्ठ 259-260 , मिश्कत , जिल्द 2:217, पृष्ठ 442)
( 4 ) पैगम्बर मुहम्मद ने अपने जीवन के सबसे आखिरी वक्तव्य में कहाः ”हे अल्लाह! यहूदियों और ईसाइयों को समाप्त कर दे, वे अपने पैगम्बरों की कबरों पर चर्चे (पूजाघर) बनाते हैं अरेबिया में दो धर्म नहीं रहने चाहिए।” (मुवट्टा मलिक, 511 : 1588, पृष्ठ 371)
( 5 ) पैगम्बर मुहम्मद ने मुसलमानों से कहा ”जब तुम गैर-मुसलमानों से मिले तो उनके सामने तीन विकल्प रखोः उनसे इस्लाम स्वीकारने या जजिया (टैक्स) देने को कहा यदि वे इनमें से किसी को न मानें तो उनके साथ जिहाद (सशस्त्र युद्ध) करो।” (मुस्लिम, जिल्द 3: 4249, पृष्ठ 1137 ; माजाह , जिल्द 4: 2858,, पृष्ठ 189-190) अतः कुरान, हदीसों एवं मुस्लिम विद्वानों के अनुसार जिहाद के प्रमुखतम उद्देश्य हैं —
( A ) गैर-मुसलमानों को किसी भी प्रकार से मुसलमान बनाना
( B) मुसलमानों के एक मात्र अल्लाह और पैगम्बर मुहम्मद में अटूट विश्वास करके तथा नमाज , रोजा , हज और जकात द्वारा उन्हें कट्टर मुसलमान बनाना
( C ) विश्व भर के गैर-मुस्लिम राज्यों, जहाँ की राज व्यवस्था सेक्लयूरवाद, प्रजातन्त्र, साम्यवाद, राज या मोनार्की आदि से नियंत्रित होती है, उसे नष्ट करके उन राज्यों में शरियत के अनुसार राज्य व्यवस्था स्थापित करना