वे RSS के स्कूल में पढ़ते थे ..


From Pramod Agrawal < >

 

वकास अब्दुल्लाह ने एक पोस्ट में लिखा है कि.., वे RSS के स्कूल में पढ़ते थे जिसका नाम सरस्वती विद्या मंदिर है…

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वकास ने लिखा है कि – “मैं अपनी क्लास के चारों सेक्शन में 1 ही मुस्लिम विद्यार्थी था , मैंने राम स्तुति , शिव स्तुति , हनुमान चालीसा भोजन मन्त्र और सभी हिन्दू रीती रिवाजों को सिखा और उनके बारे में जाना और मैंने अपने हिन्दू दोस्तों के साथ हिन्दुओं के सभी त्यौहार धूमधाम से मनाये …”

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“मैं कुछ अध्यापकों का सबसे ज्यादा चाहा जाने वाला विद्यार्थी बन गया था , मुझे गणित विषय में दिक्कत होती थी तो मेरे टीचर मुझे एक्स्ट्रा टाइम देकर पढ़ाते थे, यहाँ तक कि रविवार के दिन वो मुझे अपने घर बुलाकर पढ़ाते थे पर उन्होंने मुझसे कभी 1 पैसा नही माँगा …”

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“मैं परीक्षा में 80 % अंकों के साथ पास हुआ था उसके बाद मैंने MCA किया और मुझे अपना कोर्से खतम होने से पहले ही अच्छी नौकरी मिल गयी थी | ये सब इसलिए संभव हो पाया क्यूंकि मेरे गणित के अध्यापक ने मेरी इतनी मदद की थी | मैं एक मुस्लिम बच्चा था वे चाहते ( RSS वाले ) तो आसानी से मेरी उपेक्षा कर सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ नही किया मैंने हिन्दू दोस्त बनाये , अध्यापक मुझे इतना प्यार करते थे कि कभी मुझे दुसरे मजहब का हूँ ये महसूस ही नही होने दिया …”

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“मैं भारत को छोड़कर किसी अन्य देश में ये कल्पना भी नही कर सकता जहाँ मुस्लिम बहुसंख्यक ना हों, मुझे अपने देश , अपने स्कूल और अपने अध्यापकों पर गर्व है और मैं अपने माता पिता का भी शुक्रगुजार हूँ कि उन्होंने बिना किसी की बात पर ध्यान दिए मुझे इस RSS के स्कूल में दाखिल करवाया | मैं भगवान का भी धन्यवाद करता हूँ कि उन्होंने इस स्कूल में दाखिला दिलवाकर मुझे ऐसा मौका दिया कि मैं बेहतर बन सका और सीख पाया कि कोई भी मजहब मानवता से बेहतर नही होता ….”

 

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वकास के अनुभव से साफ़ पता चलता है कि RSS के क्या संस्कार है और वो दुसरे मजहब वालों को भी क्या सिखाते हैं और क्या देते हैं , , हम वकास अब्दुल्लाह का धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने अपने अनुभव साँझा किये इससे RSS के बारे भारतीय लोगों में कुछ भ्रान्ति दूर होने में मदद मिलेगी ….

अधिकतर जज है वामपंथी,

सिफारिशों से बने है जज, कांग्रेस ने अदालतों को भी बना दिया है हिन्दू विरोधी

 

भारतीय न्यायालय के आँखों देखे व्रतांत-

 

-वकील सर ये दारा सिंह है इसने गौ और हिन्दू हित में आवाज उठाई है।

कोर्ट- जेल में डाल के सड़ा दो इसे।

 

वकील-सर ये साध्वी प्रज्ञा है इसने हिंदुओं को एक करना का काम किया है।

कोर्ट-जेल में ठूंस के अमानवीय अत्याचार करो इसके साथ।

 

वकील-सर ये स्वामी असीमानंद हैं इन्होंने भी हिन्दू हित में काम किया है।

कोर्ट- डालो जेल में जल्दी।

 

वकील-सर ये कर्नल पुरोहित हैं ये देशभक्त और हिन्दू हितैषी हैं।

कोर्ट-फैंको जेल में जल्दी।

 

वकील-सर ये धनंजय देसाई है ये हिंदुओं के समर्थन में बोलते हैं।

कोर्ट-फैंको जेल में इसको।

 

वकील-सर ये कमलेश तिवारी हैं ये हिंदुओं को कोई गाली दे तो उसका जवाब दे देते हैं।

कोर्ट-इतनी हिम्मत,ठूंस दो जेल में।

 

वकील-सर ये स्वामी यशवीर हैं ये भी हिंदुओं में एकता करके धर्मरक्षा करना चाहते हैं।

कोर्ट- इसका बाहर क्या काम?,डालो जेल में।

 

वकील-सर ये ओवेसी है ये भगवान राम को गाली और हिंदुओं के कत्लेआम की धमकी दे रहा है।

कोर्ट- कोई बात नहीं मुकदमा ही नहीं बनता छोड़ो इन् साहब को।

 

वकील-सर ये आजम खान है भारत माता को गाली देता है,हिंदुओं का धर्मपरिवर्तन कराता है।(आजमगढ़)

कोर्ट-चुप !!! जाने दो इन साहब को।

 

वकील-सर ये इमाम बुखारी है इसके भी भारत के विरुद्ध किये गए अपराध बहुत ज्यादा हैं।

कोर्ट- बाईज्जत बरी करो इनको।

 

वकील-ये याकूब मेमन है इसने बम से बहुत हिंदुओं को मारा है।

कोर्ट-इस बेचारे के लिए आज रात को कोर्ट खोलेंगे हम।

 

वकील-सर ये JNU के जिहादी लड़के हैं भारत की बर्बादी तक जंग रहेगी की कसम खा रहे हैं।

कोर्ट-अरे प्यारे बच्चे हैं छोड़ो मासूमों कोई बात नहीं।

 

वकील-सर ये कन्हैया है भारत की सेना को बलात्कारी कह रहा है।

कोर्ट-जाने दो इस प्यारे से बच्चे को।

 

वकील-सर ये सलमान खान है इसने दुर्लभ प्रजाति के हिरण को मारा है और सोये हुए लोगों पर दारू पी कर गाड़ी चढ़ा कर मार दिया।

कोर्ट-कोई बात नहीं उन्हें तो मौत आई ही हुई थी। बरी करो इन साहब को।

 

वकील-सर ये कश्मीर के जिहादी हैं भारत की सेना पर पत्थर और गोलीबारी करते हैं, इस्लामिक स्टेट के झण्डे लहराते हैं,भारत माता को गाली देते हैं,आतंकवाद का समर्थन करते हैं,कश्मीर को भारत से तोडना चाहते हैं।

कोर्ट-खबरदार जो इन पर कोई पैलेट गन चलाई तो आदेश है ये हमारा।

 

वकील-सर ये जाकिर है हिन्दू धर्म का अपमान करता है आतंवाद को बढ़ावा देता है।

कोर्ट-इन बेचारे को हम कुछ नहीं कह सकते।

 

वकील- ये तो अन्याय है जुल्म है जज साहब।

कोर्ट-खामोश!!!! तू बताएगा हमें कैसे न्याय करना है///

 

ये सेक्युलर कोर्ट है भारत का यहाँ का न्याय सेक्युलर संविधान से चलेगा। भारत की अदालतों का यही हाल है क्योंकि ये सेक्युलर संविधान से लेकर वामपंथी और सेक्युलर जज जो सिफारिशों से बिठाये गए हैऔर इनके आये दिन आने वाले फैसलों से भी ये बात साबित होती है,

 

ये बकरीद पर चूप रहते है पर जल्लीकट्टू पर फैसला करते है,पुरे तंत्र को ही कांग्रेस हिन्दू विरोधी बना चुकी है जिसे ठीक करने में नरेंद्र मोदी को समय भी चाहिए और जनता का साथभी!

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Author: Vyasji

I am a senior retired engineer in USA with a couple of masters degrees. Born and raised in the Vedic family tradition in Bhaarat. Thanks to the Vedic gurus and Sri Krishna, I am a humble Vedic preacher, and when necessary I serve as a Purohit for Vedic dharma ceremonies.

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