From: Maj Gen Ashok Coomar < >
(1) अगर आपका नाम असद ओवैसी है
अगर आपका नाम असद ओवैसी है तो आपको भगवान राम की माता कौशल्या को वेश्या कहने का अधिकार है, हिंदुओं को पंद्रह मिनट में ख़त्म करने की चुनौती देना आपकी मर्दानगी है…
अगर आपका नाम एम एफ हुसैन है तो आप को माँ सरस्वती के नंगे चित्र बनाने का अधिकार ही नहीं है, आपको आपकी ऐसी कलात्मकता के लिए भारत का उच्च नागरिक सम्मान भी मिलेगा…
अगर आपका नाम जायरा वसीम है तो देश की हिन्दू जनता आपकी फिल्म देख कर आपको स्टार बना देगी…और
अगर आपको इस्लामिक कट्टरपंथियों ने बुरा भला कहा तो सिर्फ इतना कहा जायेगा कि बेचारी 16 साल की बच्ची को मत छेड़ो…बाकी किसी को उसमे कट्टरवाद नज़र नहीं आएगा…
पर
अगर आपका नाम कमलेश तिवारी है तो आपके पैंगबर के बारे में कुछ भी कहने पर आपका सर कलम करने की मांग एक वाजिब मांग है…
आपका नाम आशु परिहार है तो आपको जान बचा कर छुपना पड़ेगा…
भारत में आपको अभिव्यक्ति की पूरी स्वतंत्रता है, बस आपका नाम जायरा या सलमा या हुसैन होना चाहिए या आप राम या सीता या दुर्गा को गालियाँ दे रहे हों…आपको कुछ भी बोलने की आज़ादी है…जब तक आप मेरी मनपसंद बात कर रहे हों…
(2) मस्जिदों मे भरा है काला धन !
मंदिरो की दक्षिणा सरकार में जमा करने की मांग रखनेवाले सेक्युलर और उसकी न्यूज बार बार दिखानेवाली मिडीया चॅनेल्स देश में q 3 लाख मदरसे और मस्जिद है ।
हमारे कुछ प्रश्न मिडीया के लिए –
1) कितने मदरसे मस्जिदों का बँक अकौऊंट है ?
2) क्या सभी ट्रस्ट रजिस्टर किये है ?
3) क्या ट्रस्ट के पैनकार्ड बनवाये है??
4) क्या वक्फ बोर्ड को सभी मस्जिदों का सालाना हिसाब देकर उसे पब्लिक में दिखाया जाता है?
5) क्या मदरसे और मस्जिदों का ऑडिट रिपोर्ट पब्लिश होता है??
6) कितने मस्जिदों के अंदर जाकर हिसाब किताब मिडीयाने माँगा?
7) इन मस्जिदों और मदरसोने जमा हुए धन से आजतक कितने कॉलेज अपस्ताल पार्क सड़क एम्बुलन्स या देश के सभी नागरिकों का फायदा हो ऐसे काम किए?
हर मस्जिद महीनें में 1,00,000 ₹ का काला धन जमा हुआ तो ₹ 1,00,000 × 3,00,000 =
30,00,00,00,000 तीन हजार करोड़ हर महीने का तो 12 महीनो का 32 हजार करोड़ ₹।
8 नवंम्बर की रात से अजमेर दर्गा जामा मस्जिद हाजी अली और देश के सभी मस्जिद और मदरसो का काल धन ट्रक टेम्पो में भर भर के बाहर आया है कितने मिडीया न्यूज चॅनेल्स ये सच्चाई दिखने की हिम्मत करते है??
इस मेसेज को शेअर करे काला धन पकड़वाए ।
(3) संस्कृत का विरोध करने वाले –
संस्कृत का विरोध करने वाले एक एक कर पढे कि संस्कृत किस तरह भारत की नीव है …
इसे हटाने का मतलब पूरा भारत एक झटके मे समाप्त ——
विभिन्न संस्थाओं के संस्कृत ध्येय वाक्य—
भारत सरकार- – सत्यमेव जयते
लोक सभा- – धर्मचक्र प्रवर्तनाय
उच्चतम न्यायालय- – यतो धर्मस्ततो जयः
आल इंडिया रेडियो – सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय
दूरदर्शन – सत्यं शिवम् सुन्दरम
गोवा राज्य – सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःखभाग्भवेत्।
भारतीय जीवन बीमा निगम – योगक्षेमं वहाम्यहम्
डाक तार विभाग – अहर्निशं सेवामहे
श्रम मंत्रालय – श्रम एव जयते
भारतीय सांख्यिकी संस्थान – भिन्नेष्वेकस्य दर्शनम्
थल सेना – सेवा अस्माकं धर्मः
वायु सेना – नभःस्पृशं दीप्तम्
जल सेना – शं नो वरुणः
मुंबई पुलिस – सद्रक्षणाय खलनिग्रहणाय
हिंदी अकादमी – अहम् राष्ट्री संगमनी वसूनाम
भारतीय राष्ट्रीय विज्ञानं अकादमी – हव्याभिर्भगः सवितुर्वरेण्यं
भारतीय प्रशासनिक सेवा अकादमी – योगः कर्मसु कौशलं
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग – ज्ञान-विज्ञानं विमुक्तये
नेशनल कौंसिल फॉर टीचर एजुकेशन – गुरुः गुरुतामो धामः
गुरुकुल काङ्गडी विश्वविद्यालय – ब्रह्मचर्येण तपसा देवा मृत्युमपाघ्नत
इन्द्रप्रस्थ विश्वविद्यालय – ज्योतिर्व्रणीततमसो विजानन
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय – विद्ययाऽमृतमश्नुते
आन्ध्र विश्वविद्यालय – तेजस्विनावधीतमस्तु
बंगाल अभियांत्रिकी – एवं विज्ञान विश्वविद्यालय
शिवपुर – उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान् निबोधत
गुजरात राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय – आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः
संपूणानंद संस्कृत विश्वविद्यालय – श्रुतं मे गोपय
श्री वैंकटेश्वर विश्वविद्यालय – ज्ञानं सम्यग् वेक्षणम्
कालीकट विश्वविद्यालय – निर्मय कर्मणा श्री
दिल्ली विश्वविद्यालय – निष्ठा धृति: सत्यम्
केरल विश्वविद्यालय – कर्मणि व्यज्यते प्रज्ञा
राजस्थान विश्वविद्यालय – धर्मो विश्वस्यजगतः प्रतिष्ठा
पश्चिम बंगाल राष्ट्रीय न्यायिक विज्ञान विश्वविद्यालय – युक्तिहीने विचारे तु धर्महानि: प्रजायते
वनस्थली विद्यापीठ – सा विद्या या विमुक्तये।
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् – विद्याsमृतमश्नुते।
केन्द्रीय विद्यालय – तत् त्वं पूषन् अपावृणु
केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड – असतो मा सद् गमय
प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, त्रिवेन्द्रम – कर्मज्यायो हि अकर्मण:
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इन्दौर – धियो यो नः प्रचोदयात्
गोविंद बल्लभ पंत अभियांत्रिकी महाविद्यालय, पौड़ी – तमसो मा ज्योतिर्गमय
मदन मोहन मालवीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय,गोरखपुर – योगः कर्मसु कौशलम्
भारतीय प्रशासनिक कर्मचारी महाविद्यालय, हैदराबाद – संगच्छध्वं संवदध्वम्
इंडिया विश्वविद्यालय का राष्ट्रीय विधि विद्यालय – धर्मो रक्षति रक्षितः
संत स्टीफन महाविद्यालय, दिल्ली – सत्यमेव विजयते नानृतम्
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान – शरीरमाद्यं खलुधर्मसाधनम्
विश्वेश्वरैया राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, नागपुर – योग: कर्मसु कौशलम्
मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, इलाहाबाद – सिद्धिर्भवति कर्मजा
बिरला प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान, पिलानी – ज्ञानं परमं बलम्
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर – योगः कर्मसुकौशलम्
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुंबई – ज्ञानं परमं ध्येयम्
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर – तमसो मा ज्योतिर्गमय
-भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान चेन्नई – सिद्धिर्भवति कर्मजा
-भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की – श्रमं विना नकिमपि साध्यम्
भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद – विद्या विनियोगाद्विकास:
भारतीय प्रबंधन संस्थान बंगलौर – तेजस्वि नावधीतमस्तु
भारतीय प्रबंधन संस्थान कोझीकोड – योगः कर्मसु कौशलम्
सेना ई एम ई कोर – कर्मह हि धर्मह
सेना राजपूताना राजफल – वीर भोग्या वसुन्धरा
सेना मेडिकल कोर – सर्वे संतु निरामया ..
सेना शिक्षा कोर – विदैव बलम
सेना एयर डिफेन्स – आकाशेय शत्रुन जहि
सेना ग्रेनेडियर रेजिमेन्ट – सर्वदा शक्तिशालिं
सेना राजपूत बटालियन – सर्वत्र विजये
सेना डोगरा रेजिमेन्ट – कर्तव्यम अन्वात्मा
सेना गढवाल रायफल – युद्धया कृत निश्चया
सेना कुमायू रेजिमेन्ट – पराक्रमो विजयते
सेना महार रेजिमेन्ट – यश सिद्धि
सेना जम्मू काश्मीर रायफल – प्रस्थ रणवीरता
सेना कश्मीर लाइट इंफैन्ट्री – बलिदानं वीर लक्षयं
सेना इंजीनियर रेजिमेन्ट – सर्वत्र
भारतीय तट रक्षक – वयम् रक्षामः
सैन्य विद्यालय – युद्धं प्र्गायय
सैन्य अनुसंधान केंद्र – बालस्य मूलं विज्ञानम
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सिलसिला यहिं खतम नही होता, विदेशी भी हमारे कायल हैं देखो जरा –
नेपाल सरकार – जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी
इंडोनेशिया जलसेना – जलेष्वेव जयामहेअसेह राज्य (इंडोनेशिया) – पञ्चचित
कोलंबो विश्वविद्यालय (श्रीलंका) – बुद्धि: सर्वत्र भ्राजते
मोराटुवा विश्वविद्यालय (श्रीलंका) – विद्यैव सर्वधनम्
पेरादेनिया विश्वविद्यालय – सर्वस्य लोचनशास्त्रम्
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संस्कृत और संस्कृति ही भारतीयता का मूल है .. भारत का विकास इसी से संभव है- तो कीजिये अपने गौरव को याद और सिर उठाकर कहिये “हम भारतीय हैं और संस्कृत हमारी पहचान है , हमें अपने गौरव का अभिमान है।”
भारत माता की जय..
जयहिंद..
(4) संस्कृत बारे कुछ रोचक तथ्य
संस्कृत के बारे में ये 20 तथ्य जान कर आपको भारतीय होने पर गर्व होगा।
आज हम आपको संस्कृत के बारे में कुछ ऐसे तथ्य बता रहे हैं,जो किसी भी भारतीय का सर गर्व से ऊंचा कर देंगे;;
- संस्कृत को सभी भाषाओं की जननी माना जाता है।
- संस्कृत उत्तराखंड की आधिकारिक भाषा है।
- अरब लोगो की दखलंदाजी से पहले संस्कृत भारत की राष्ट्रीय भाषा थी।
- NASA के मुताबिक, संस्कृत धरती पर बोली जाने वाली सबसे स्पष्ट भाषा है।
- संस्कृत में दुनिया की किसी भी भाषा से ज्यादा शब्द है।
वर्तमान में संस्कृत के शब्दकोष में 102 अरब, 78 करोड़, 50 लाख शब्द है।
- संस्कृत किसी भी विषय के लिए एक अद्भुत खजाना है।
जैसे हाथी के लिए ही संस्कृत में 100 से ज्यादा शब्द है।
- NASA के पास संस्कृत में ताड़पत्रो पर लिखी 60,000 पांडुलिपियां है जिन पर नासा रिसर्च कर रहा है।
- फ़ोबर्स मैगज़ीन ने जुलाई,1987 में संस्कृत को Computer Software के लिए सबसे बेहतर भाषा माना था।
- किसी और भाषा के मुकाबले संस्कृत में सबसे कम शब्दो में वाक्य पूरा हो जाता है।
- संस्कृत दुनिया की अकेली ऐसी भाषा है जिसे बोलने में जीभ की सभी मांसपेशियो का इस्तेमाल होता है।
- अमेरिकन हिंदु युनिवर्सिटी के अनुसार संस्कृत में बात करने वाला मनुष्य बीपी, मधुमेह,कोलेस्ट्रॉल आदि रोग से मुक्त हो जाएगा। संस्कृत में बात करने से मानव शरीरका तंत्रिका तंत्र सदा सक्रिय रहता है जिससे कि व्यक्ति का शरीर सकारात्मक आवेश (PositiveCharges) के साथ सक्रिय हो जाता है।
- संस्कृत स्पीच थेरेपी में भी मददगार है यह एकाग्रता को बढ़ाती है।
- कर्नाटक के मुत्तुर गांव के लोग केवल संस्कृत में ही बात करते है।
- सुधर्मा संस्कृत का पहला अखबार था, जो 1970 में शुरू हुआ था। आज भी इसका ऑनलाइन संस्करण उपलब्ध है।
- जर्मनी में बड़ी संख्या में संस्कृतभाषियो की मांग है। जर्मनी की 14 यूनिवर्सिटीज़ में संस्कृत पढ़ाई जाती है।
- नासा के वैज्ञानिकों के अनुसार जब वो अंतरिक्ष ट्रैवलर्स को मैसेज भेजते थे तोउनके वाक्य उलट हो जाते थे।इस वजह से मैसेज का अर्थ ही बदल जाता था।उन्होंले कई भाषाओं का प्रयोग किया लेकिन हर बार यही समस्या आई।आखिर में उन्होंने संस्कृत में मैसेज भेजा क्योंकि संस्कृत के वाक्य उल्टे हो जाने पर भी अपना अर्थ नही बदलते हैं।जैसेअहम् विद्यालयं गच्छामि। विद्यालयं गच्छामि अहम्। गच्छामिअहम् विद्यालयं ।उक्त तीनो के अर्थ में कोई अंतर नहीं है।
- आपको जानकर हैरानी होगी किComputer द्वारा गणित के सवालो को हल करने वाली विधि यानि Algorithms संस्कृत में बने है ना कि अंग्रेजी में।
- नासा के वैज्ञानिको द्वारा बनाए जा रहे 6th और 7th जेनरेशन Super Computers संस्कृतभाषा पर आधारित होंगे जो 2034 तक बनकर तैयार हो जाएंगे।
- संस्कृत सीखने से दिमाग तेज हो जाता है और याद करने की शक्ति बढ़ जाती है। इसलिए London और Ireland के कई स्कूलो में संस्कृत को Compulsory Subject बना दिया है।
- इस समय दुनिया के 17 से ज्यादा देशो की कम से कम एक University में तकनीकी शिक्षा के कोर्सेस में संस्कृत पढ़ाई जाती है।संस्कृत के बारे में ये 20 तथ्य जान कर आपको भारतीय होने पर गर्व होगा।
(5) सबसे बड़ी ख़बर –
सबसे बड़ी ख़बर : मुस्लिम देश कुवैत ने ट्रंप की तरह 5 मुस्लिम देशों पर वीजा का बैन लगाया !!
आपको बजट के बाद आज की सबसे बड़ी ख़बर बताते हैं , पूरा का पूरा मुस्लिम देश कुवैत भी अब ट्रम्प की राह पर चलने लगा है । ग़ौरतलब है कि कुवैत ने पाँच मुस्लिम देशों के वीज़ा पर बैन लगा दिया है , इससे पहले ट्रम्प द्वारा सात मुस्लिम देशों के वीज़ा पर बैन लगाने के बाद दुनिया भर के मुस्लिमों और तथाकथित बुधिजीवियों ने ट्रम्प की आलोचना की थी । लेकिन कुवैत के इस फ़ैसले में अब उनकी हालत ख़राब कर दी है ।