एकता-भीन्नता
| क्या एक है क्या भिन्न है वो सत्य हमे समझना है
समस्याएं हल करनी हैं दुःख वाद हमें मिटाने हैं भगवान तो एक है पर नाम उसके अनेक हैं और रूप गुण उसके तो अनेक ही अनेक हैं ये बात कही गीताने न कही कुरानने न कही बाईबलने न कही किसी औरने हिंदु हि कहते हैं कि ईष्वर अल्ला तेरा नाम मुस्लिम तो कहते हैं अल्ला अल्ला एक हि नाम और ईसाई कहते हैं ईशु ईशु एक हि नाम पर ये मैने देखा है कि हिन्दु हिन्दुको यह कहते हैं ना मुस्लिमको कहते हैं और ना मुस्लिम वो सुनते हैं ना क्रिश्चनको कहते हैं और ना क्रिश्चन वो सुनते हैं कभी भगवान आके बोले कभी फिरस्ते आके बोले ओ मेरे बच्चों मेरे पास आओ ये रास्तेसे मेरे पास आओ ये जो रास्तें उन्होने दिखाये उसे कहते हैं सम्प्रदायें दवाएं अलग हैं क्युं कि दरदी अलग हैं ये रस्तें अलग हैं क्युं कि राही अलग हैं राही अलग हैं क्युं कि मंज़िलें अलग हैं अलग क्युं हैं कि ख्यालें अलग हैं
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ये बात हिन्दु समझते हैं ना मुस्लिम ना क्रिश्चन
मुस्लिम तो कहते हैं कि ईस्लाम एक हि रास्ता है और क्रिश्चन भी कहते हैं ईशु-रास्ता हि रास्ता है इसके सिवा जो कुछ है वो सैतानकी माया है हिन्दु मुस्लिम साथ मिले और आझादी पाई हिन्दु बोले साथ रहो मुस्लिमने बात न मानी गांधी अंग्रेजसे जीते पर मुस्लिमसे हारे गांधीने ये गलत किया मा भारतको कटवाई गीताने तो स्पष्ट कहा है कब लडना और कैसे गुरुहीन गांधी समझ न पाया क्या करना और कैसे अझादी पायी हमने और एक दुश्मन प्रगट हुआ ये दो रास्ते एक नहीं ये ठीक तरहसे स्पष्ट हुआ मुस्लिमोने वो किया जो कहा है कुरानमें हिन्दुओंने वो न किया जो कहा है श्रीकृष्णने अब हिन्दु मत सोचो कि गीता कुरान एक है और मुस्लिम ये सोचो कि तुम्हारे पुर्वज कौन थे वो हिन्दु थे आओ वापस हिन्दु बनजाओ एक भारत माताके फिर प्यारे बच्चे बनजाओ चलो साथ नाचें चलो साथ गायें श्रीकृष्णचरणोमें शिरको झुकायें ‘Skanda’
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