ईश्वर और अल्लाह में अंतर देखें .

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Comment by Sri Pushpendra Kulashrestha:

जो लोग ईश्वर अल्लाह एक बोलते है, यह लेख उनके लिए है।
ईश्वर और अल्लाह में अंतर देखें :-
🕉️भगवान् कहते हैं, जीवों पर दया करो!
☪️अल्लाह कहते हैं, जानवरों को हलाल करो। मतलब धीरे धीरे तड़पा के मारो और फिर खाओ।
🕉️भगवान् कहते हैं की मेरी पूजा तब करो जब तुम्हारा मन शांत और तन मन पवित्र हो। भगवान् ने कहीं भी अपनी पूजा को अनिवार्य नहीं बताया है न ही ये कहा है की अगर मेरी पूजा नहीं की तो तुमको आग में झोक दूंगा।
☪️अल्लाह कहते हैं की 5 समय मेरी इबादत करना अनिवार्य है अगर ऐसा नहीं करोगे तो जहन्नुम की आग में झोंक दूंगा। मतलब जबरन इबादत।
🕉️भगवान् कभी नहीं कहते की मेरे सिवा किसी की पूजा की तो तुम्हे नर्क में डाल दूंगा, खौलते तेल में पकाऊंगा। बल्कि हमे तो वो विभिन्न रूपों में, पेड़ पौधों, पशु पक्षियों का भी पूजन करने का सुझाव देते हैं। ☪️अल्लाह कहते हैं, मेरे सिवा किसी को पूजा तो तुम सबसे बड़े पापी हो और तुम्हे कठोरतम यातना मिलेगी और तुम जहन्नम के इंधन बनोगे। इसी के तहत मुस्लिम अपने माता पिता के पैर तक नहीं छू सकते। वन्दे मातरम तक नहीं बोल सकते। (इतिहास में देखें तो अपनी जबरन पूजा कराने वाले और अपने सिवा किसी को पूजने वाले को म्रत्युदंड देने वाले रावण और हिरण्यकश्यप हुए हैं।)
🕉️भगवान् ने सिखाया है, वसुधैव कुटुम्बकम!
☪️अल्लाह कहते हैं की मुस्लिम मुस्लिम तो भाई भाई हैं। पर गैरमुसलमान काफ़िर है। मुसलमानों के खुले दुश्मन हैं।
🕉️भगवान कहते हैं तुम्हे स्वर्ग नर्क तुम्हारे कर्मों के अनुसार मिलेगा।
☪️अल्लाह कहते हैं की जन्नत सिर्फ मुसलामानों के लिए हैं और सारे के सारे गैरमुसलमान जहन्नुम में जायेंगे। जहाँ उनके लिये कठोरतम यातना तैयार है। गैरमुसलमान किसी भी कीमत पे जन्नत में नहीं जा सकते। कर्मों को गोली मारो, मुसलमान होना भर जन्नत की गारंटी है। और अगर तुम जिहादी हुए (मतलब आतंकवादी) तो तुमको जन्नत में अल्लाह के सबसे निकट और हीरा मोती की बनी कुर्सियों पर बैठने को मिलेगा। जिहादियों को जन्नत में सबसे ऊँचा स्थान मिलेगा।
🕉️भगवान् कहते है पृथ्वी गोल है। सूर्य निरंतर प्रकाशमान रहता है।
☪️अल्लाह कहते हैं, पृथ्वी चपटी है और सूर्य अस्त होने पर कीचड़ में घुस जाता है।
🕉️भगवान् कहते हैं की तुम, तुम्हे अंतरिक्षयान से अन्तरिक्ष की सैर कराने वाले भगवान् की पूजा करो। ☪️अल्लाह कहते हैं की तुम आकाश से बहार जा ही नहीं सकते जबकि आज मनुष्य अन्तरिक्ष में कहीं भी जा सकता है। 🕉पुरुष एक विवाह या बहुविवाह कर सकते हैं।
☪️अल्लाह ने पुरुषों को तो 4 शादी का अधिकार दिया है पर महिलाओं को नहीं। उल्टा महिलाए यौन्संबंधों का आनंद न लेने पायें तो उनकी भगनासा काट देने को कहा है जिसे महिला खतना कहते हैं।
🕉️भगवान् ने पुरुष महिला में भेद नहीं किया है,
☪️किन्तु अल्लाह कहते हैं की महिलायें जन्नत में जा ही नहीं सकती। उनके लिए दोजख ही है। तभी तो मुस्लिम पुरुषों को तो जन्नत में 72 हूरें अर्थात 72 कुवारी लडकियाँ देने को कहा है पर महिलाओं को कुछ नहीं । किसी को किसी से तुलना करने से पहले सामने वाले को जाने। सनातनी और जगा हुआ हिन्दू मेरी  जय श्री राम