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धर्म बचाओ, राष्ट्र बचाओ, हिन्दू जागो, पर कैसे?

 

भारते मे हिन्दुओ को जिहादी मार रहे है तो बहुत हिन्दु कहते है एक् जुट हो कर धर्म बचाओ, राष्ट्र बचाओ, हिन्दू जागो. किन्तु हमे क्या कर्म करने चाहिये वो कम लोग् कहते है। हमारे वैदिक धर्म शाश्त्र कहते है :- ॥ धर्मः रक्षितः रक्षति॥

हिन्दी मे कहें तो “आप धर्म का रक्षण करेंगे, तो धर्म आप का रक्षण करेगा, अन्यथा नहि.”

 

  1. तो पहले धर्म क्या है बताता हुं।

 

श्रीमद् भागवत का ६-३-१९ श्लोक ये कहता है।

 

धर्मम् तु साक्षात् भगवत् प्रणीतम्

नवै विदुर् ऋषयो नापि देवाः

न सिध्धमुख्या असुरा मनुष्याः

कुतो नु विद्याधर चारणादयः॥ SMB 6-3-19

 

ये श्लोक कहता है कि सनातन धर्म क्या है वो मनुष्यको केवल भगवान ही कह शकता है अन्य कोई नहि। सब से पहले भगवान ने वेद मे कहा धर्म क्या है। वेद मनुष्य को कहता है कैसे जीना क्या करना जिससे हम सुख से साथ रहे और भग्वान का साक्षात्कार करे या जन्म-मरण चक्र से मुक्ति पावें।

 

वेद मे २०,००० मन्त्र है और वेद का सार गीता के ७०० श्लोकों मे भगवान श्री कृष्ण ने दिया है।

सनातन धर्म के बहुत शास्त्र है और भगवद गीता को विश्वमे सनातन धर्म का ग्रन्थ माना जाता है। तो रोज गीता पढो। याद रहे कि हिन्दु या सनातन या वैदिक एक मात्र धर्म है। इस्लाम धर्म नहि किन्तु मजहब है, और इसाइयत Religon है, धर्म नहि। ये दोनो हिन्दु धर्म के दुश्मन है। उन्होने मार मार के दूसरों का धर्म परिवर्तन करवाया है और कर रहे है। कृष्ण भगवान गीता मे कहते है कि कोई मनुष्य ऐसा ना करे। ऐसा करना पाप है।

 

  1. अब धर्म का रक्षण कैसे करना वो कहता हुं।

 

वैदिक सनातन धर्म ग्रन्थो का रक्षण करना, वैदिक गुरुओ का रक्षण करना, और वैदिक साधूओ का रक्षण करना वो सनातन धर्म का रक्षण करना है; और साथ साथ जब हम अपने सब कर्म धर्म के अनुसार करे और कोई कर्म धर्म के विरुद्ध ना करे तो धर्म का रक्षण होता है। धर्मानुसार कर्म करने से पुन्य होता है जो हमे आध्यात्मिक प्रगति देता है और पाप मूक्त रखता है। धर्म से उलटा करने से पाप होता है और हमारि अधोगति होती है।

 

आत्म रक्षण सब जीव का जन्मसिद्ध अधिकार है। जब जिन्दा रहेन्गे और स्वस्थ रहेन्गे तबे ही हम कोई एक योग साधना या पूजा हवन वगैरा करके मूक्ति पा शकते है। इसलिये हमे अपना आत्म रक्षण करना हि चाहिये। आत्म रक्षण के लिये या धर्म रक्षण के लिये हमे हिंसा करनी पडे तो वो धर्म के अनुसार पाप नहि है।

 

धर्म शास्त्र कहते है :-  अहिम्सा परमो धर्मः । धर्म हिम्सा तथैव च ॥

 

इस काल खण्डमे जब जिहादि लोग हम हिन्दूओ को बलपूर्वक मार डालने या धर्म परिवर्तन कराने पर जुटे है, तो हम हिन्दुओ को अपने मे क्षत्रिय भाव ज़नून पैदा करना होगा, हथियार रखने होन्गे, अपने मोहल्ले मे एकजुट होना होगा, और असुरिक दन्गेबाजो को यमपुरी पहुचाना होगा।

 

जय श्रीष्ण !

 

सुरेश व्यास

Vedic preacher and purohit

hinduunation.com

 

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